तीन साल की जंग के बाद सुपरएनुएशन टैक्स बढ़ाने पर चैल्मर्स को मिला समर्थन, ग्रीन्स ने बजट में और बड़े कदम की मांग की

तीन साल की जंग के बाद सुपरएनुएशन टैक्स बढ़ाने पर चैल्मर्स को मिला समर्थन, ग्रीन्स ने बजट में और बड़े कदम की मांग की

ऑस्ट्रेलिया के कोषाध्यक्ष जिम चैल्मर्स को सुपरएनुएशन पर टैक्स बढ़ाने की अपनी योजना को संसद से पारित कराने में सफलता मिलती दिखाई दे रही है। तीन साल से जारी राजनीतिक खींचतान के बाद ग्रीन्स पार्टी ने इन बदलावों का समर्थन करने का संकेत दिया है। हालांकि ग्रीन्स का कहना है कि सरकार को आने वाले मई बजट में इससे भी अधिक साहसिक कदम उठाने चाहिए।

सरकार की प्रस्तावित योजना के तहत बड़े सुपरएनुएशन बैलेंस पर अधिक टैक्स लगाया जाएगा। लेबर सरकार का तर्क है कि यह कदम कर व्यवस्था को अधिक निष्पक्ष बनाने के लिए जरूरी है, क्योंकि वर्तमान व्यवस्था में बहुत बड़े सुपर फंड वाले लोगों को कर में अधिक रियायत मिलती है।

ग्रीन्स पार्टी का मानना है कि अमीर ऑस्ट्रेलियाई लोगों को मिलने वाली कर छूट को और कम किया जाना चाहिए। पार्टी का कहना है कि सुपरएनुएशन टैक्स में बदलाव से सरकार को अतिरिक्त राजस्व मिलेगा, जिसे सार्वजनिक सेवाओं और सामाजिक कार्यक्रमों पर खर्च किया जा सकता है।

कोषाध्यक्ष जिम चैल्मर्स ने कहा है कि सरकार का उद्देश्य सुपरएनुएशन प्रणाली को टिकाऊ और न्यायसंगत बनाना है, ताकि यह भविष्य में भी ऑस्ट्रेलियाई लोगों की सेवानिवृत्ति सुरक्षा का मजबूत आधार बनी रहे। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि सरकार बजट में आर्थिक जिम्मेदारी और सामाजिक संतुलन दोनों को ध्यान में रखेगी।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ग्रीन्स के समर्थन से यह प्रस्ताव संसद में पारित होने की संभावना मजबूत हो गई है। हालांकि विपक्ष इस योजना का विरोध कर रहा है और उसका कहना है कि इससे निवेश और बचत पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।

मई में पेश होने वाले संघीय बजट में यह मुद्दा प्रमुख रूप से सामने आ सकता है, जहां सरकार से कर सुधारों को लेकर और स्पष्टता की उम्मीद की जा रही है।