कैनबरा। ऑस्ट्रेलिया की आर्थिक दिशा और तकनीकी भविष्य पर गहरी चिंता जताते हुए क्वींसलैंड के पूर्व मुख्यमंत्री और लेबर पार्टी के वरिष्ठ नेता पीटर बीटी ने सरकार को चेताया है कि यदि ट्रेज़रर जिम चाल्मर्स ने स्टार्ट-अप निवेशकों को सुपरएनुएशन (Superannuation) पर लगाए गए 3 मिलियन डॉलर टैक्स से छूट नहीं दी, तो देश नवाचार की दौड़ में पिछड़ जाएगा और चीन हमें "मार देगा"।
बीटी का कहना है कि यह टैक्स सीधे-सीधे उन निवेशकों पर बोझ डालेगा जो नई तकनीक, शोध और स्टार्ट-अप्स में पूंजी लगाते हैं। उनका तर्क है कि यदि निवेशक हतोत्साहित हुए तो स्टार्ट-अप इकोसिस्टम कमजोर होगा और नई नौकरियों के अवसर सिमट जाएंगे।
उन्होंने कहा, “हम पहले ही चीन से मुकाबले में पीछे हो रहे हैं। अगर सरकार ने यह गलती जारी रखी तो भविष्य की अर्थव्यवस्था बनाने वाली पूंजी ऑस्ट्रेलिया से बाहर चली जाएगी।”
बीटी ने इस स्थिति को “इनोवेशन SOS” करार देते हुए सरकार से त्वरित कदम उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि विश्व के कई देशों में सरकारें निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए टैक्स छूट और सब्सिडी दे रही हैं, जबकि ऑस्ट्रेलिया उल्टा रास्ता चुन रहा है। यह नीति देश को वैश्विक प्रतिस्पर्धा से बाहर कर सकती है।
बीटी ने इसे सिर्फ आर्थिक नहीं बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से भी जुड़ा मामला बताया। उनका कहना है कि यदि चीन और अन्य एशियाई देश तकनीकी क्षेत्र में हमसे आगे निकल गए तो ऑस्ट्रेलिया की रक्षा क्षमता, औद्योगिक स्वावलंबन और वैश्विक प्रभाव पर गंभीर असर पड़ेगा।
ट्रेज़रर जिम चाल्मर्स की आर्थिक नीतियां पहले से ही चर्चा में हैं। विपक्ष और उद्योग जगत पहले ही चेतावनी दे चुके हैं कि अधिक टैक्स और जटिल नियमों से निवेशक विदेश भाग सकते हैं। अब पीटर बीटी जैसे लेबर पार्टी के वरिष्ठ नेता की चेतावनी से सरकार पर दबाव और बढ़ गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, बायोटेक्नोलॉजी, क्लीन एनर्जी और डिजिटल इंडस्ट्री ही आर्थिक विकास का आधार बनेंगी। ऐसे में यदि सरकार ने निवेश को राहत नहीं दी तो न केवल अर्थव्यवस्था पर, बल्कि युवाओं के रोजगार अवसरों पर भी खतरा मंडरा सकता है।