शिमला, 13 अगस्त। हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच बुधवार को कई स्थानों पर बादल फटने और फ्लैश फ्लड की घटनाओं ने तबाही मचा दी। शिमला, कुल्लू और लाहौल-स्पीति जिलों में कई जगह बाढ़ आ गई, जबकि गानवी और श्रीखंड बागीपुल में घर बह गए और एक पुलिस चौकी पानी में समा गई।
शिमला और लाहौल-स्पीति में आई बाढ़ ने दो बड़े पुलों को बहा दिया, जिससे कूट और क्याव पंचायतों का संपर्क कट गया। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार, भारी बारिश के कारण 325 सड़कें यातायात के लिए बंद हैं, जिनमें दो राष्ट्रीय राजमार्ग भी शामिल हैं — एनएच-305 (औट-सैंज) और एनएच-505 (खाब-ग्रामफू)। मंडी में 179 और कुल्लू में 71 सड़कें ठप पड़ी हैं।
लाहौल-स्पीति की मयाड घाटी में करपट, चांगुत और उदगोस नाले में बादल फटने से बाढ़ आई और दो पुल बह गए। करपट गांव को खतरा होने के चलते वहां के निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया। गानवी बाजार और बस स्टैंड में पानी भर जाने के कारण बाजार खाली कराया गया।
शिमला के रामपुर बुशहर क्षेत्र में कई सरकारी दफ्तर, बिजली बोर्ड के दफ्तर और पुलिस चौकी खतरे में हैं। नंटी और कुर्पन खड्ड में भी पानी उफान पर है। किन्नौर के पूह पंचायत के होजो नाले में बादल फटने से नदी-नालों में पानी का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है।
मौसम विभाग ने गुरुवार को चंबा, कांगड़ा और मंडी में भारी से बहुत भारी बारिश के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। शुक्रवार से रविवार तक कई जिलों में ‘येलो अलर्ट’ रहेगा। बलद्वाड़ा में 31 मिमी, कसौली में 23 मिमी और नैनी देवी में 18.2 मिमी बारिश दर्ज की गई।
20 जून से अब तक राज्य को 2,031 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। बारिश से जुड़ी घटनाओं में 126 लोगों की मौत हो चुकी है और 36 लोग अब भी लापता हैं। इस मानसून सीजन में अब तक 63 बार अचानक बाढ़, 31 बार बादल फटने और 57 बड़े भूस्खलन की घटनाएं दर्ज की जा चुकी हैं।
राज्य सरकार और जिला प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा हुआ है, जबकि लोगों से अपील की जा रही है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।