ऑस्ट्रेलिया की संघीय राजनीति में दोहरी नागरिकता को लेकर एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया है। सत्तारूढ़ गठबंधन (कोएलिशन) के एक और सांसद यह जानकर चौंक गए कि वे तकनीकी रूप से कनाडा के नागरिक माने जाते हैं। यह स्थिति कनाडा के नागरिकता कानूनों में हुए बदलाव के बाद सामने आई है।
जानकारी के अनुसार, संबंधित सांसद के माता या पिता का जन्म कनाडा में हुआ था। पहले के नियमों के तहत विदेश में जन्मे बच्चों को स्वतः कनाडाई नागरिक नहीं माना जाता था, लेकिन हाल के वर्षों में कनाडा सरकार द्वारा नागरिकता कानूनों में किए गए संशोधनों के बाद यह अधिकार पिछली तारीख से भी लागू हो गया। इसी कारण सांसद की जानकारी के बिना उनकी नागरिकता स्थिति बदल गई।
यह इस तरह का दूसरा मामला है, जिसमें ऑस्ट्रेलिया के किसी मौजूदा सांसद को अचानक विदेशी नागरिकता से जुड़ा पाया गया है। इससे पहले भी एक सांसद को इसी कारण अपने पद को लेकर कानूनी प्रक्रिया का सामना करना पड़ा था।
ऑस्ट्रेलियाई संविधान के अनुसार, दोहरी नागरिकता रखने वाले व्यक्ति संसद सदस्य बनने के पात्र नहीं होते। ऐसे में यह मामला केवल व्यक्तिगत नहीं बल्कि संवैधानिक और राजनीतिक दृष्टि से भी गंभीर माना जा रहा है।
संबंधित सांसद ने कहा है कि उन्हें कनाडाई नागरिकता की जानकारी नहीं थी और उन्होंने कभी इसके लिए आवेदन भी नहीं किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे कानूनी विशेषज्ञों से सलाह लेकर आवश्यक कदम उठाएंगे और संविधान का पूरा सम्मान करेंगे।
सरकार और चुनाव आयोग इस मामले की समीक्षा कर रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि वैश्विक नागरिकता कानूनों में बदलाव के कारण भविष्य में ऐसे और मामले सामने आ सकते हैं, जिससे उम्मीदवारों की पृष्ठभूमि की जांच और अधिक जटिल हो जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रकरण एक बार फिर यह सवाल उठाता है कि आधुनिक वैश्विक कानूनों के दौर में पुराने संवैधानिक प्रावधानों की व्याख्या किस तरह की जानी चाहिए। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर कानूनी और राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।