अवैध धर्मांतरण गिरोह से जुड़ी जांच में पुलिस को ऐसे चौंकाने वाले तथ्य मिले हैं, जिसने पूरे तंत्र को हिला कर रख दिया है। अब तक सिर्फ धर्म परिवर्तन को लेकर सक्रिय माना जा रहा यह गिरोह, अब मानव तस्करी और मानव अंगों के अंतरराष्ट्रीय व्यापार में संलिप्त पाया गया है। पुलिस कमिश्नरेट की जांच के दौरान खुलासा हुआ है कि गिरोह की जड़ें न केवल देश के विभिन्न राज्यों तक फैली हैं, बल्कि इसकी कड़ियां विदेशों तक जुड़ी हुई हैं। इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए अब पुलिस ने सीबीआई से जांच में सहयोग मांगा है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरोह विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर और मजदूर वर्ग को निशाना बनाता था। युवतियों को धर्म परिवर्तन के बाद विदेश भेजने का झांसा दिया जाता था। पूछताछ में यह भी पता चला है कि विदेश भेजी गई कुछ लड़कियों के साथ मानव तस्करी का अपराध भी किया गया और उनके शरीर के अंगों की बोली तक लगाई जाती थी।
मार्च में सदर क्षेत्र से लापता हुईं एक कारोबारी की दो बेटियाँ 18 जुलाई को कोलकाता के तपसिया इलाके से बरामद हुई थीं। इसी मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 6 राज्यों से 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इसके बाद गिरोह का मास्टरमाइंड अब्दुल रहमान दिल्ली से पकड़ा गया। पूछताछ में उसके बेटों सहित कुल 11 आरोपियों को रिमांड पर लिया गया, जिससे गिरोह की काली सच्चाई सामने आई।
पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने बताया कि जांच में सामने आया है कि गिरोह की कमान कनाडा में बैठा सैयद दाऊद संभाल रहा था। मध्य प्रदेश निवासी यह आरोपी गिरोह को विदेश से नियंत्रित कर रहा था। उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कर दिया गया है और अब उसकी गिरफ्तारी के लिए सीबीआई की मदद ली जा रही है।
कमिश्नर ने बताया कि अब्दुल रहमान और उसके गिरोह ने अब तक 1000 से अधिक लोगों का अवैध रूप से धर्म परिवर्तन कराया है। इनमें से अधिकांश ने या तो डर के कारण चुप्पी साध रखी है या फिर विदेशों में भेज दिए गए हैं। जो पीड़ित सामने आए हैं, उन्हें पुलिस मामले में गवाह बनाएगी ताकि आरोपियों को सजा दिलाई जा सके।
हालांकि मानव अंगों की बिक्री की पुष्टि को लेकर पुलिस के पास प्रत्यक्ष रूप से कोई पीड़ित सामने नहीं आया है, लेकिन गिरोह से जुड़े सदस्यों की पूछताछ में मिले सुरागों से पुलिस इस दिशा में गहराई से पड़ताल कर रही है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैले इस नेटवर्क के खिलाफ व्यापक अभियान की जरूरत महसूस की जा रही है।
विदेश में मौजूद मुख्य सरगनाओं की गिरफ्तारी, और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की जांच के लिए अब सीबीआई की भूमिका अहम होगी। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि सीबीआई को पत्र भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जिससे इंटरपोल और अन्य एजेंसियों के जरिए विदेश में छिपे आरोपियों की गिरफ्तारी की जा सके।