सिडनी। ऑस्ट्रेलिया में डिमेंशिया अब मौत का सबसे बड़ा कारण बन गया है। ऑस्ट्रेलियन इंस्टिट्यूट ऑफ हेल्थ एंड वेलफेयर (AIHW) की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2023 में कुल 17,400 से अधिक लोगों की मौत डिमेंशिया के कारण हुई, जो देश में सभी मौतों का लगभग 9.5 प्रतिशत है।
रिपोर्ट में बताया गया कि महिलाओं में डिमेंशिया मौत का पहला प्रमुख कारण है, जबकि पुरुषों में यह हृदय रोग के बाद दूसरा सबसे बड़ा कारण है। अनुमान के मुताबिक 2023 में ऑस्ट्रेलिया में करीब 4.25 लाख लोग डिमेंशिया से जूझ रहे थे। इनमें से लगभग दो-तिहाई महिलाएं थीं।
डिमेंशिया का खतरा उम्र के साथ कई गुना बढ़ जाता है। जहां 30 से 59 वर्ष की आयु वर्ग में यह बीमारी प्रति 1000 लोगों में एक से भी कम को होती है, वहीं 85 से 89 वर्ष की उम्र तक आते-आते यह दर प्रति 1000 में 210 तक पहुंच जाती है।
AIHW की रिपोर्ट के मुताबिक, आने वाले 40 वर्षों में डिमेंशिया के मरीजों की संख्या एक मिलियन (10 लाख) से भी अधिक हो सकती है।
डिमेंशिया ऑस्ट्रेलिया की मुख्य कार्यकारी अधिकारी तान्या बुकेनन ने कहा, “अगर हमें भविष्य में इस संकट से निपटना है तो तुरंत ठोस कदम उठाने होंगे। सरकारों को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा और अभियान चलाना चाहिए ताकि हर उम्र में मस्तिष्क स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता फैलाई जा सके।”
उन्होंने यह भी कहा कि इस बीमारी से पीड़ित लोगों को अक्सर समाज से दूरी और अकेलेपन का सामना करना पड़ता है। इसी कारण आगामी डिमेंशिया एक्शन वीक का थीम रखा गया है – “कोई भी अकेले नहीं लड़ सकता”।
बुकेनन ने सभी ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों से अपील की है कि वे अपने आसपास डिमेंशिया से प्रभावित किसी व्यक्ति और उनके परिवार से जुड़ें और उनका सहयोग करें।
👉 यह रिपोर्ट न केवल बढ़ते खतरों की ओर इशारा करती है, बल्कि आने वाले दशकों में ऑस्ट्रेलियाई समाज के सामने खड़ी होने वाली सबसे बड़ी स्वास्थ्य चुनौतियों को भी उजागर करती है।