फिलिस्तीन समर्थक रैली में शामिल होने का दिया तर्क, दर्शकों ने जताई नाराज़गी
सिडनी। ऑस्ट्रेलिया के सिडनी शहर में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय एंटी-सेमिटिज़्म सम्मेलन उस समय विवादों में घिर गया, जब नगर निगम के डिप्टी मेयर ने अपने संबोधन में फिलिस्तीन समर्थक प्रदर्शन में भाग लेने का खुला बचाव किया। उनकी यह टिप्पणी सुनते ही सभागार में मौजूद लोगों ने जोरदार विरोध किया और हूटिंग शुरू कर दी।
जानकारी के अनुसार, सम्मेलन का उद्देश्य यहूदी समुदाय के खिलाफ बढ़ रहे भेदभाव और नफरत पर चर्चा करना था। लेकिन डिप्टी मेयर ने जब अपने भाषण में कहा कि “फिलिस्तीन के समर्थन में रैली में शामिल होना लोकतांत्रिक अधिकार है”, तो दर्शक बुरी तरह भड़क उठे। कई प्रतिभागियों ने उनकी बात बीच में ही काटते हुए उन्हें मंच से उतरने की मांग तक कर दी।
सम्मेलन के आयोजकों ने स्थिति को संभालने की कोशिश की और श्रोताओं से शांत रहने की अपील की। आयोजकों का कहना था कि इस मंच का मकसद केवल यहूदी विरोधी भावनाओं और उससे उपजी चुनौतियों पर चर्चा करना है, न कि अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक मुद्दों पर बहस छेड़ना।
गौरतलब है कि हाल के महीनों में ऑस्ट्रेलिया के कई शहरों, खासकर सिडनी और मेलबर्न में, इज़रायल-फिलिस्तीन संघर्ष को लेकर लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं। इन प्रदर्शनों ने स्थानीय समुदायों के बीच मतभेद और तनाव को और गहरा कर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यही वजह है कि एंटी-सेमिटिज़्म जैसे संवेदनशील सम्मेलन में भी माहौल बिगड़ गया।
दर्शकों का कहना था कि सम्मेलन जैसे मंच पर किसी राजनीतिक रैली का समर्थन करना उचित नहीं है। कई प्रतिभागियों ने इसे “यहूदी समुदाय की पीड़ा को हल्का करने की कोशिश” करार दिया। वहीं डिप्टी मेयर ने अपने बचाव में कहा कि वे सभी समुदायों की आवाज़ सुनने और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं।