बोंडी हमले पर ऑस्ट्रेलियाई संसद में भावुक क्षण, पीएम अल्बानीज़ ने आतंकवाद की कड़ी निंदा की

बोंडी हमले पर ऑस्ट्रेलियाई संसद में भावुक क्षण, पीएम अल्बानीज़ ने आतंकवाद की कड़ी निंदा की

कैनबरा। बोंडी बीच पर हुए आतंकी हमले के पीड़ितों को श्रद्धांजलि देने के लिए ऑस्ट्रेलियाई संसद का विशेष सत्र बुलाया गया, जहां शोक और एकजुटता के अभूतपूर्व दृश्य देखने को मिले। प्रधानमंत्री Anthony Albanese ने संसद में शोक प्रस्ताव पेश करते हुए हमले में मारे गए 15 निर्दोष लोगों के नाम पढ़े। इस दौरान कई सांसद भावुक हो गए और लेबर पार्टी की सांसद Ali France अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख सकीं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि संसद द्वारा रखा गया एक मिनट का मौन उन 15 नामों की गूंज है, जिनके लिए आज का दिन एक सामान्य सोमवार होना चाहिए था—अपने परिवारों और मित्रों के साथ सुरक्षित और खुशहाल। उन्होंने पीड़ित परिवारों, मित्रों और धार्मिक नेताओं का स्वागत करते हुए कहा कि गहरे शोक के बीच उन्होंने असाधारण साहस और मजबूती दिखाई है।

अल्बानीज़ ने यह भी स्पष्ट किया कि देश इस त्रासदी से उपजे आक्रोश और अविश्वास को स्वीकार करता है। उन्होंने कहा, “ऑस्ट्रेलिया में शरण पाने वाले एक होलोकॉस्ट सर्वाइवर की हत्या और एक 10 वर्षीय बच्ची की मौत—यह हमारे मूल्यों पर हमला है।” प्रधानमंत्री ने हमले के लिए ISIS से प्रेरित आतंकियों की कड़ी निंदा की और कहा कि यह घटना ऑस्ट्रेलिया की सुरक्षा भावना को झकझोर देने वाली है।

विपक्ष की ओर से भी एकजुटता का संदेश सामने आया। विपक्ष की उपनेता Sussan Ley ने चरमपंथ के खिलाफ सख्त रुख अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि आतंकवाद के विरुद्ध संसद एक स्वर में खड़ी है।

प्रधानमंत्री ने माना कि यह हमला ऑस्ट्रेलिया के लिए एक कड़वी सच्चाई है। “हम अक्सर कहते थे—यह यहां नहीं होता, ऑस्ट्रेलिया में नहीं। लेकिन Bondi Beach ने उस धारणा को बदल दिया है,” उन्होंने कहा। साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार इस त्रासदी से सबक लेकर ठोस कदम उठाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो।

संसद का यह विशेष सत्र शोक, संकल्प और राष्ट्रीय एकजुटता का प्रतीक बन गया—जहां पीड़ितों को श्रद्धांजलि के साथ-साथ आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई का संदेश भी दिया गया।