ब्रैकेट क्रीप खत्म करें और ग्रामीण इलाकों में अवसर बढ़ाएँ: वेस्टपैक की उत्पादकता योजना

ब्रैकेट क्रीप खत्म करें और ग्रामीण इलाकों में अवसर बढ़ाएँ: वेस्टपैक की उत्पादकता योजना

सिडनी, 29 जुलाई 2025: ऑस्ट्रेलिया की दूसरी सबसे बड़ी बैंक वेस्टपैक ने आर्थिक सुधार की दिशा में एक साहसिक कदम उठाते हुए सरकार से ब्रैकेट क्रीप को समाप्त करने और ग्रामीण क्षेत्रों (Bush) में नए अवसरों को बढ़ावा देने की सिफारिश की है। बैंक का मानना है कि इस नीति से देश की उत्पादकता, विकास दर और रोजगार के अवसर बेहतर हो सकते हैं।


क्या है ब्रैकेट क्रीप?

ब्रैकेट क्रीप उस स्थिति को कहते हैं जब मुद्रास्फीति (Inflation) के कारण कर्मचारियों की नाममात्र (nominal) आय बढ़ जाती है, लेकिन आयकर की दरें उसी स्थिति में बनी रहती हैं। इसका नतीजा यह होता है कि व्यक्ति एक उच्च टैक्स स्लैब में चला जाता है और उसकी असली क्रय शक्ति (real purchasing power) नहीं बढ़ती।


वेस्टपैक का प्रस्ताव क्या है?

  • आयकर सीमा को CPI से जोड़ा जाए: वेस्टपैक ने सुझाव दिया है कि टैक्स थ्रेशोल्ड्स को उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के अनुसार हर साल समायोजित किया जाए, ताकि करदाताओं को महंगाई के अनुपात में राहत मिलती रहे।

  • ग्रामीण क्षेत्रों के लिए टैक्स-फ्री ज़ोन: बैंक ने सरकार से आग्रह किया है कि ऐसे क्षेत्र जहां रोजगार की कमी है, वहां टैक्स-फ्री ज़ोन बनाए जाएँ और यदि कोई राज्य क्षेत्रीय आवास और इन्फ्रास्ट्रक्चर में निवेश करता है, तो उसे GST राजस्व वितरण में अतिरिक्त अंक दिए जाएँ।

  • स्थानीय शाखाओं की बहाली: वेस्टपैक ने मोरी (न्यू साउथ वेल्स), लीओन्घाथा (विक्टोरिया) और स्मिथटन (तस्मानिया) में बैंक शाखाएँ दोबारा खोलने का निर्णय लिया है, ताकि डिजिटल सेवाओं के साथ-साथ स्थानीय समुदायों को आमने-सामने बैंकिंग सेवाएँ मिल सकें।


क्यों जरूरी है यह नीति?

विशेषज्ञों का मानना है कि ऑस्ट्रेलिया का खनन-बूम अब पीछे छूट रहा है और देश को जीवन स्तर को बनाए रखने के लिए बेहतर उत्पादकता उपायों की ज़रूरत है। ऐसे में, वेस्टपैक की यह योजना लंबी अवधि में आर्थिक स्थिरता, उपभोक्ता सशक्तिकरण, और ग्रामीण पुनर्विकास की नींव रख सकती है।


सरकार के लिए अगली चुनौती

अब यह सरकार पर निर्भर है कि वह इन सिफारिशों को राजनीतिक इच्छाशक्ति और बजटीय संतुलन के साथ लागू करती है या नहीं। यदि ऐसा होता है, तो यह नीतियाँ ऑस्ट्रेलियाई टैक्स सिस्टम को अधिक न्यायसंगत और समावेशी बना सकती हैं।