वॉशिंगटन। अमेरिका के कुख्यात यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन से जुड़े नए आधिकारिक दस्तावेजों में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा जारी फाइलों के अनुसार, एपस्टीन ने कई महिलाओं को अपने प्रभाव और नियंत्रण में रखने के लिए फर्जी शादियों, छात्र वीजा और आव्रजन प्रक्रियाओं का सहारा लिया।
दस्तावेजों के मुताबिक, 2011 में बेलारूस से पढ़ाई के लिए अमेरिका आई कैरीना शुलियाक का दाखिला कोलंबिया विश्वविद्यालय के डेंटल स्कूल में कराया गया था। बताया जाता है कि इस दाखिले में एपस्टीन की भूमिका थी। हालांकि शुलियाक अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर सकीं, लेकिन उनका छात्र वीजा और आव्रजन स्थिति आगे चलकर एक बड़ी समस्या बन गई।
2012 के मध्य तक शुलियाक के वीजा की वैधता को लेकर सवाल उठने लगे। डेंटल स्कूल के एक अधिकारी ने उन्हें आश्वस्त किया कि तत्काल कोई खतरा नहीं है, लेकिन एपस्टीन इस मुद्दे को लेकर चिंतित था। उसने अपने प्रभावशाली संपर्कों की मदद से छात्र वीजा को ‘चुपचाप’ बहाल कराने की कोशिश की।
ईमेल संवाद से पता चलता है कि एपस्टीन ने ब्रिटिश निवेशक इयान ऑसबोर्न से संपर्क किया। ऑसबोर्न ने आव्रजन मामलों में प्रभाव रखने वाले वकीलों से जोड़ने की बात कही और स्कैडेन फर्म के वरिष्ठ वकील ग्रेग क्रेग का नाम भी सामने आया। उस समय क्रेग, पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के व्हाइट हाउस काउंसल रह चुके थे और प्रतिष्ठित कानूनी फर्म स्कैडेन से जुड़े थे। हालांकि बाद में फर्म ने कहा कि उसने एपस्टीन का औपचारिक प्रतिनिधित्व नहीं किया।
वकीलों की सलाह के बाद यह स्पष्ट हुआ कि शुलियाक ने छात्र वीजा की अवधि से अधिक समय अमेरिका में बिताया था और उनका एक शरण आवेदन भी लंबित था, जो छात्र वीजा की शर्तों से मेल नहीं खाता था। ऐसे में वीजा बहाली कठिन थी। इसके बाद कथित तौर पर ‘शादी’ को समाधान के रूप में आगे बढ़ाया गया।
अक्तूबर 2013 में शुलियाक ने न्यूयॉर्क में एक अमेरिकी नागरिक से विवाह कर लिया। आधिकारिक पते के तौर पर 301 ईस्ट 66वीं स्ट्रीट दर्ज किया गया—वह स्थान जहां एपस्टीन से जुड़ी कई महिलाएं और मेहमान ठहरते थे। विवाह के आधार पर शुलियाक ने परिवार-आधारित ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन किया और जनवरी 2015 में उन्हें स्थायी निवास (ग्रीन कार्ड) मिल गया। 2018 में उन्हें अमेरिकी नागरिकता भी प्राप्त हो गई।
दस्तावेजों में यह भी सामने आया है कि नागरिकता मिलने के दिन एपस्टीन के एक आव्रजन वकील को संदेश भेजा गया, जिसमें इस ‘उपलब्धि’ पर पार्टी आयोजित करने की बात कही गई थी।
न्याय विभाग की फाइलों में संकेत मिलता है कि यह मामला अकेला नहीं था। आरोप है कि एपस्टीन छात्र वीजा, अंग्रेजी भाषा पाठ्यक्रमों और दिखावटी शादियों का उपयोग कर महिलाओं को कानूनी रूप से अपने आसपास बनाए रखता था। इससे वे आर्थिक और आव्रजन संबंधी रूप से उस पर निर्भर बनी रहती थीं।
हालांकि, इन मामलों में शामिल कुछ वकीलों और संस्थानों ने प्रत्यक्ष भूमिका से इनकार किया है। कोलंबिया विश्वविद्यालय ने भी इस पर सार्वजनिक टिप्पणी नहीं की है।
एपस्टीन 2019 में संघीय आरोपों का सामना करते हुए जेल में मृत पाया गया था। लेकिन उससे जुड़े दस्तावेजों के खुलासे अब भी उसकी गतिविधियों के नए पहलुओं को उजागर कर रहे हैं।