प्यूबर्टी ब्लॉकर्स पर तेज़ समीक्षा, राज्यों के हाथ में रहेगा अधिकार

प्यूबर्टी ब्लॉकर्स पर तेज़ समीक्षा, राज्यों के हाथ में रहेगा अधिकार

कैनबरा:
ऑस्ट्रेलिया के स्वास्थ्य मंत्री मार्क बटलर ने स्पष्ट किया है कि विवादास्पद दवा प्यूबर्टी ब्लॉकर्स पर समीक्षा की प्रक्रिया को तेज़ किया जाएगा। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ़ किया कि इस दवा के उपयोग और इसके प्रिस्क्रिप्शन (नुस्ख़े) का अंतिम अधिकार राज्यों और प्रदेशों के पास ही रहेगा।

केंद्र का हस्तक्षेप नहीं

बटलर ने कहा कि केंद्र सरकार इस विषय पर सीधे दखल नहीं देगी और न ही इसके प्रिस्क्रिप्शन पर रोक लगाएगी। उनका कहना था कि यह मुद्दा संवेदनशील है और राज्य सरकारें अपने स्तर पर इसे बेहतर ढंग से संभाल सकती हैं।

पृष्ठभूमि और विवाद

प्यूबर्टी ब्लॉकर्स ऐसी दवाएँ हैं जो किशोरावस्था की प्रक्रिया को रोकने या धीमा करने के लिए दी जाती हैं। इनका उपयोग विशेष रूप से ट्रांसजेंडर और जेंडर-डाइवर्स युवाओं के इलाज में किया जाता है। हाल के वर्षों में इन दवाओं को लेकर समाज और चिकित्सकीय समुदाय में काफी बहस छिड़ी हुई है—कुछ विशेषज्ञ इन्हें ज़रूरी बताते हैं, जबकि कुछ इनके दुष्प्रभावों को लेकर चिंता जताते हैं।

सरकार का दृष्टिकोण

बटलर ने कहा कि समीक्षा का मकसद बच्चों और परिवारों को सुरक्षित और भरोसेमंद स्वास्थ्य सेवाएँ देना है। “हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि चिकित्सकीय फैसले वैज्ञानिक साक्ष्यों और बच्चों के हितों के आधार पर हों,” उन्होंने कहा।