कैनबरा।
ऑस्ट्रेलिया में उन डेकेयर और चाइल्डकेयर सेंटरों को संघीय सरकार ने अंतिम नोटिस जारी किया है, जो लम्बे समय से अपनी सेवा गुणवत्ता में सुधार करने में असफल रहे हैं। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि अगर निर्धारित समय सीमा में सुधार नहीं किया गया, तो इन केंद्रों से चाइल्ड केयर सब्सिडी फंडिंग तुरंत समाप्त कर दी जाएगी।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले दो वर्षों में कई चाइल्डकेयर केंद्रों को नेशनल क्वालिटी फ्रेमवर्क के तहत निर्धारित मानकों के अनुरूप सुधार के लिए नोटिस भेजे गए थे। इनमें साफ-सफाई, बच्चों की सुरक्षा, प्रशिक्षित स्टाफ, पोषण और शिक्षण सामग्री की गुणवत्ता जैसे पहलू शामिल थे। बावजूद इसके, कुछ केंद्रों में बुनियादी खामियां अब भी जस की तस बनी हुई हैं।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया — “हमने इन्हें पर्याप्त समय और संसाधन उपलब्ध कराए, लेकिन अब बच्चों के हित में सख्त कदम उठाना जरूरी हो गया है। माता-पिता अपने बच्चों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण माहौल की उम्मीद से इन केंद्रों में भेजते हैं, और यह जिम्मेदारी केंद्रों की है कि वे इस भरोसे पर खरे उतरें।”
कई अभिभावकों ने सरकार के इस फैसले का समर्थन किया है। सिडनी की एक अभिभावक, लिसा मैथ्यूज़ ने कहा — “हम फीस भरते हैं, सब्सिडी का फायदा भी मिलता है, लेकिन अगर बच्चे को सुरक्षित और अच्छा माहौल ही न मिले तो यह धोखा है। सरकार का कदम बिल्कुल सही है।”
वहीं, कुछ केंद्र संचालकों का कहना है कि कोविड-19 के बाद वित्तीय दबाव और स्टाफ की कमी के चलते सुधार कार्य में देरी हुई है। मेलबर्न के एक संचालक ने नाम न छापने की शर्त पर कहा — “हम सुधार के लिए प्रयासरत हैं, लेकिन हमें और समय और सहयोग की आवश्यकता है।”
सरकार ने स्पष्ट किया है कि अब बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा गुणवत्ता को लेकर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। आने वाले महीनों में निरीक्षण अभियान तेज किया जाएगा, और जो भी केंद्र तय मानकों से नीचे पाए जाएंगे, उनका लाइसेंस और सरकारी फंड दोनों रद्द किए जा सकते हैं।