सिडनी:
त्योहारी सीज़न की भारी खरीदारी का खामियाज़ा ऑस्ट्रेलियाई उपभोक्ताओं को नए साल में भुगतना पड़ेगा। ताज़ा विश्लेषण के मुताबिक, नवंबर से जनवरी के बीच की गई ख़रीदारी के कारण देशभर में क्रेडिट कार्ड पर करीब 87 अरब ऑस्ट्रेलियाई डॉलर का कर्ज चढ़ने का अनुमान है। विशेषज्ञ इसे “राष्ट्रीय कर्ज हैंगओवर” बता रहे हैं।
वित्तीय तुलना वेबसाइट कैनस्टार (Canstar) द्वारा केंद्रीय बैंक के आंकड़ों के विश्लेषण में सामने आया है कि अगर पिछले वर्षों की तरह ही खर्च का रुझान रहा, तो अकेले जनवरी 2026 में ही उपभोक्ता लगभग 29 अरब डॉलर अतिरिक्त क्रेडिट कार्ड खर्च कर सकते हैं।
इस बढ़ते कर्ज का सीधा असर ब्याज भुगतान पर भी पड़ रहा है। अनुमान है कि ऑस्ट्रेलियाई उपभोक्ता हर दिन बैंकों को करीब 94 लाख डॉलर सिर्फ क्रेडिट कार्ड ब्याज के रूप में चुका रहे हैं। इससे कर्ज से बाहर निकलना और भी मुश्किल हो जाता है।
कैनस्टार की डेटा इनसाइट्स निदेशक सैली टिंडल ने लोगों से अपील की है कि वे समय रहते कदम उठाएं। उन्होंने कहा,
“जिन लोगों पर कर्ज का बोझ बना हुआ है, उनके लिए 2026 को सुधार का साल बनाना ज़रूरी है। सबसे पहले अपने बैंक से संपर्क करें और कम ब्याज दर या बेहतर शर्तों वाले कार्ड के बारे में पूछें।”
हर साल दोहराया जाता है ‘पोस्ट-क्रिसमस डेब्ट हैंगओवर’
आंकड़ों से पता चलता है कि 2015 के बाद से हर साल जनवरी में क्रेडिट कार्ड कर्ज बढ़ता है। इसकी एक बड़ी वजह यह है कि कई उपभोक्ता ब्याज-मुक्त अवधि में पूरा भुगतान नहीं कर पाते। इसके अलावा, बहुत से लोग क्रेडिट कार्ड की शर्तों को ठीक से नहीं समझते या महीन अक्षरों में लिखी जानकारी पर ध्यान नहीं देते।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर समय रहते सही वित्तीय निर्णय न लिए जाएं, तो यह कर्ज लंबे समय तक घरेलू बजट पर दबाव बनाए रख सकता है।