कैनबरा। पूर्व अमेरिकी खुफिया अधिकारी और स्पेशल फोर्सेस के दिग्गज जॉन पावर्स ने ऑस्ट्रेलिया की रक्षा क्षमता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि ऑस्ट्रेलियाई रक्षा बल (ADF) मौजूदा रणनीतिक चुनौतियों के अनुरूप खुद को पर्याप्त रूप से तैयार नहीं कर पा रहा है।
पावर्स, जिन्होंने अमेरिकी स्पेशल फोर्सेस ब्रिगेड कमांडर और मिलिट्री इंटेलिजेंस स्पेशलिस्ट के रूप में सेवा दी है, ने 7न्यूज़ से बातचीत में कहा —
"हमने अपने सैन्य बल को पर्याप्त रूप से स्टाफ, उपकरण और संसाधन नहीं दिए हैं ताकि वह अमेरिका के साथ तालमेल बिठा सके। अगर हालात ऐसे ही रहे तो ऑस्ट्रेलिया एक ‘रणनीतिक बोझ’ बन सकता है।"
उन्होंने कहा कि अमेरिकी योजना-निर्माताओं की नज़र में ऑस्ट्रेलियाई सैनिक साहस और भरोसे के मामले में बेहतरीन हैं, लेकिन रक्षा क्षमता में कमी चिंता का विषय है। पावर्स का मानना है कि देश ने रक्षा पर पर्याप्त निवेश नहीं किया है, यहां तक कि आत्मरक्षा के लिए भी आवश्यक क्षमताएं पूरी नहीं हैं।
रक्षा बजट बढ़ाने की मांग
पावर्स का यह बयान उस समय आया है जब अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने मई में ऑस्ट्रेलियाई रक्षा मंत्री रिचर्ड मार्ल्स से बजट को GDP के 3.5% तक बढ़ाने की सिफारिश की थी। इससे हर साल रक्षा पर अरबों डॉलर का अतिरिक्त खर्च होगा।
डार्विन पोर्ट पर चीन का नियंत्रण — कोई बड़ी चिंता नहीं
चीन के स्वामित्व वाले डार्विन पोर्ट को लेकर पावर्स ने कहा कि यह कोई बड़ी समस्या नहीं है, क्योंकि यही कंपनी अमेरिका में भी कई बंदरगाह संचालित करती है। उन्होंने इसे चीन की कारोबारी कार्यप्रणाली पर खुफिया जानकारी जुटाने का एक अवसर बताया।
AUKUS पनडुब्बी सौदे पर संदेह
अमेरिका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया के बीच हुए AUKUS पनडुब्बी समझौते पर पावर्स ने सीधी आलोचना करते हुए कहा कि उन्हें भरोसा नहीं है कि अमेरिकी वर्जीनिया-क्लास परमाणु पनडुब्बियां ऑस्ट्रेलिया तक पहुंचेंगी।
वर्तमान में अमेरिका हर साल लगभग 1.3 पनडुब्बियां बनाता है, लेकिन AUKUS के तहत ऑस्ट्रेलिया को आपूर्ति करने के लिए इसे 2.2–2.3 तक बढ़ाना होगा। अमेरिकी नौसेना के एडमिरल डैरल कडल के अनुसार, इसके लिए उत्पादन क्षमता में “100% का परिवर्तनकारी सुधार” आवश्यक है, न कि केवल 10 या 20 प्रतिशत का।
ऑस्ट्रेलिया अब तक अमेरिकी जहाज़ निर्माण क्षमता बढ़ाने में 1.6 अरब डॉलर का योगदान कर चुका है, जिसमें हाल ही में दी गई 800 मिलियन डॉलर की अतिरिक्त राशि भी शामिल है।