नई जिम्मेदारी, बड़ी चुनौती: सुनेत्रा पवार उपमुख्यमंत्री पद की ओर

नई जिम्मेदारी, बड़ी चुनौती: सुनेत्रा पवार उपमुख्यमंत्री पद की ओर

मुंबई। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) की वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद सुनेत्रा पवार के राजनीतिक जीवन में एक निर्णायक मोड़ आया है। वह शनिवार शाम महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने जा रही हैं। साथ ही, उन्हें एनसीपी विधायक दल का नेता भी चुने जाने की संभावना है।

सुनेत्रा पवार का जन्म एक राजनीतिक पृष्ठभूमि वाले परिवार में हुआ। उनके पिता बाजीराव पाटिल क्षेत्रीय राजनीति में प्रभावशाली रहे, जिससे सार्वजनिक जीवन और सामाजिक उत्तरदायित्व की समझ उन्हें विरासत में मिली। विवाह के बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति से दूरी बनाए रखी, लेकिन चार दशकों तक नीति-निर्धारण और संगठनात्मक फैसलों में पर्दे के पीछे अहम भूमिका निभाती रहीं।

शिक्षा और सामाजिक पहल

सुनेत्रा पवार ने प्रत्यक्ष राजनीति में आने से पहले शिक्षा और सामाजिक विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया। ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण, छात्रवृत्ति कार्यक्रमों और स्थानीय स्तर पर शैक्षणिक सुविधाओं के विस्तार से जुड़े कई प्रयासों में उनकी सक्रिय भूमिका रही। समर्थकों के बीच वे स्नेहपूर्वक ‘वहिनी’ के नाम से जानी जाती हैं।

राजनीतिक यात्रा

वर्ष 2024 में उन्होंने बारामती लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा। भले ही उन्हें सफलता नहीं मिली, लेकिन उसी वर्ष वे राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुईं, जिससे राष्ट्रीय राजनीति में उनकी भूमिका सशक्त हुई। 2023 में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में हुए विभाजन के बाद पार्टी संगठन को संभालने में भी उनका योगदान रहा।

हाल ही में अजित पवार के असामयिक निधन के बाद पार्टी और सरकार के सामने नेतृत्व की चुनौती खड़ी हुई। ऐसे समय में सुनेत्रा पवार का आगे आना संगठनात्मक निरंतरता और प्रशासनिक स्थिरता के रूप में देखा जा रहा है।

आगे की राह

62 वर्षीय सुनेत्रा पवार के सामने न केवल प्रशासनिक जिम्मेदारियाँ होंगी, बल्कि पार्टी को एकजुट रखने और विकासोन्मुख एजेंडे को आगे बढ़ाने की भी चुनौती होगी। शिक्षा, सामाजिक कल्याण और समावेशी विकास को प्राथमिकता देने का उनका दृष्टिकोण आने वाले समय में महाराष्ट्र की राजनीति को नई दिशा दे सकता है।