सिडनी: न्यू साउथ वेल्स (एनएसडब्ल्यू) के ट्रांसपोर्ट विभाग में चल रहे भ्रष्टाचार घोटाले की जांच में एक फरार आरोपी को जांच अधिकारीयों ने ‘चींटी’ (लीच) कहा है। यह मामला तब सामने आया जब एंटी-करप्शन ब्यूरो ने 2019 में दो ट्रांसपोर्ट फॉर एनएसडब्ल्यू के अधिकारियों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए, जिन पर परिवारिक व्यवसाय से ठेके दिलाने के लिए रिश्वत मांगने का आरोप है।
जांच के दौरान पता चला कि ये दोनों अधिकारी अपने पद का दुरुपयोग करते हुए सरकारी ठेकों को अपनी जेब भरने का जरिया बना रहे थे। आरोप है कि उन्होंने एक स्थानीय परिवार के व्यवसाय से संपर्क कर ठेकों के बदले में गैरकानूनी भुगतान की मांग की। इस काले धंधे में शामिल लोगों ने सरकारी फंड का गलत इस्तेमाल कर विभाग की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचाया है।
एंटी-करप्शन ब्यूरो ने बताया कि यह मामला केवल रिश्वतखोरी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें रिश्वत के जरिए विभाग के कुछ ठेके अवैध तरीके से बांटे गए हैं। फरार आरोपी की भूमिका बहुत अहम मानी जा रही है, जिसे जांच में ‘चींटी’ कहा गया है क्योंकि वह अन्य दोषियों के लिए एक तरह से एक खतरनाक और नुकसान पहुंचाने वाला तत्व है।
एनएसडब्ल्यू सरकार ने इस पूरे मामले की गहन जांच का आश्वासन दिया है और कहा है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कोई भी सख्ती से नहीं बख्शा जाएगा। सरकार ने यह भी बताया कि विभाग के नियमों में सुधार और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए भी कदम उठाए जाएंगे ताकि भविष्य में इस तरह के भ्रष्टाचार की घटनाएं न हों।
इस घोटाले ने ट्रांसपोर्ट विभाग की छवि को गंभीर रूप से प्रभावित किया है, और जनता में सरकार के प्रति भरोसे को भी हिलाया है। भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन के लिए जारी इस अभियान में जांच अधिकारी पूरी तत्परता के साथ मामले की छानबीन कर रहे हैं और जल्द ही दोषियों को न्याय के कठघरे में लाने का संकल्प जताया है।