ऑस्ट्रेलिया में वस्तु एवं सेवा कर (GST) के ताजा बंटवारे को लेकर राज्यों के बीच असंतोष बढ़ गया है। नए आंकड़ों के अनुसार, जीएसटी वितरण व्यवस्था के कारण करीब 5.49 अरब डॉलर का अतिरिक्त बोझ करदाताओं पर पड़ रहा है, जबकि इसका सबसे अधिक लाभ क्वींसलैंड और पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया को मिल रहा है। दूसरी ओर न्यू साउथ वेल्स और विक्टोरिया इस व्यवस्था में सबसे बड़े नुकसान उठाने वाले राज्य बनकर सामने आए हैं।
आर्थिक विश्लेषण के मुताबिक, जीएसटी राजस्व को राज्यों में बांटने की मौजूदा व्यवस्था का उद्देश्य सभी राज्यों को उनकी जरूरतों के हिसाब से संसाधन उपलब्ध कराना है। हालांकि हालिया वितरण में खनिज संपदा और राजस्व क्षमता जैसे कारकों के कारण पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया और क्वींसलैंड को बड़ा हिस्सा मिला है। इन राज्यों की आबादी अपेक्षाकृत कम होने के बावजूद उन्हें अधिक वित्तीय लाभ मिलने से अन्य राज्यों में असंतोष बढ़ गया है।
सबसे अधिक नुकसान न्यू साउथ वेल्स और विक्टोरिया को हुआ है, जो देश की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं और आबादी वाले राज्य हैं। इन राज्यों का कहना है कि जीएसटी बंटवारे की मौजूदा नीति उनके साथ न्याय नहीं करती, क्योंकि वे राष्ट्रीय राजस्व में बड़ा योगदान देते हैं लेकिन बदले में कम हिस्सा प्राप्त करते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जीएसटी वितरण की वर्तमान व्यवस्था जारी रहती है तो आने वाले वर्षों में राज्यों के बीच वित्तीय असमानता और बढ़ सकती है। कुछ नीति विशेषज्ञों ने केंद्र सरकार से इस व्यवस्था की समीक्षा करने और अधिक संतुलित मॉडल अपनाने की मांग की है।
इस मुद्दे ने ऑस्ट्रेलिया की संघीय वित्तीय व्यवस्था पर फिर से बहस छेड़ दी है। कई राज्यों के नेताओं का कहना है कि करदाताओं के हित में जीएसटी वितरण प्रणाली को पारदर्शी और न्यायसंगत बनाया जाना चाहिए, ताकि सभी राज्यों को समान अवसर और संसाधन मिल सकें।