भारतीय क्रिकेट के इतिहास में सबसे बहुचर्चित विवादों में से एक – विराट कोहली और सौरव गांगुली के बीच कप्तानी विवाद – एक बार फिर चर्चा में है। इस बार खुद पूर्व बीसीसीआई अध्यक्ष और दिग्गज कप्तान सौरव गांगुली ने इस मुद्दे पर खुलकर बात की है।
गांगुली ने एक इंटरव्यू में पहली बार विस्तार से बताया कि साल 2021-22 के दौरान कप्तानी को लेकर बीसीसीआई और विराट के बीच क्या चल रहा था। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब विराट ने टी20 की कप्तानी छोड़ी थी, तो बोर्ड नहीं चाहता था कि वनडे और टी20 में अलग-अलग कप्तान हों।
"व्हाइट-बॉल फॉर्मेट में एक ही कप्तान रखना स्वाभाविक"
गांगुली ने कहा, "यह एक स्वाभाविक सोच थी कि वनडे और टी20 दोनों में एक ही कप्तान हो। विराट टी20 कप्तानी छोड़ चुके थे, और ऐसे में हमने वनडे के लिए भी नया कप्तान तय किया। लेकिन टेस्ट फॉर्मेट में हम विराट को ही कप्तान बनाए रखना चाहते थे।"
हालांकि, इसके कुछ ही समय बाद दक्षिण अफ्रीका दौरे में हार के बाद विराट ने टेस्ट की कप्तानी भी छोड़ दी।
रोहित शर्मा की कप्तानी को लेकर खुलासा
गांगुली ने बताया कि उस समय रोहित शर्मा से टेस्ट कप्तानी की पेशकश की गई थी, लेकिन वह शुरुआत में कार्यभार की अधिकता के चलते अनिच्छुक थे।
“मुझे याद है कि मैंने रोहित से कहा था — क्या आप बिना भारत की टेस्ट कप्तानी किए अपने करियर का अंत करना चाहेंगे? वह एक समायोजनशील और मित्रतापूर्ण खिलाड़ी हैं। अगर उनसे खुलकर बात की जाए, तो वे समझते हैं,” गांगुली ने कहा।
उन्होंने यह भी बताया कि रोहित से कई मुद्दों पर गहन बातचीत हुई, और कई खिलाड़ियों से मिलकर स्थिति को स्पष्ट किया गया।
कोहली-गांगुली विवाद की पृष्ठभूमि
2021 में टी20 विश्व कप के बाद विराट कोहली ने इस फॉर्मेट से कप्तानी छोड़ी थी। इसके बाद उन्हें वनडे कप्तानी से भी हटा दिया गया, जिसके बाद मीडिया और फैंस के बीच गांगुली और कोहली के बीच कथित मतभेदों को लेकर काफी चर्चा हुई। कोहली ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि उन्हें हटाए जाने की जानकारी सिर्फ चयन बैठक से कुछ घंटे पहले दी गई, जबकि गांगुली ने कहा था कि उन्होंने विराट से बात की थी।