नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को मिला एयरोड्रोम लाइसेंस, उड़ान संचालन का रास्ता साफ

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को मिला एयरोड्रोम लाइसेंस, उड़ान संचालन का रास्ता साफ

नोएडा/जेवर। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के बहुप्रतीक्षित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) से एयरोड्रोम लाइसेंस मिल गया है। इस मंजूरी के साथ ही जेवर स्थित इस हवाईअड्डे से व्यावसायिक उड़ानों के संचालन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम पूरा हो गया है।

डीजीसीए द्वारा जारी यह लाइसेंस एयरपोर्ट को “पब्लिक यूज” श्रेणी में प्रदान किया गया है। इसका मतलब है कि यह हवाईअड्डा यात्रियों और कार्गो विमानों के लिए आधिकारिक रूप से उपयोग के लिए तैयार है और यहां से सभी मौसमों में 24 घंटे विमान संचालन संभव होगा।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (YIAPL) द्वारा विकसित किया जा रहा है। यह कंपनी स्विट्ज़रलैंड की ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है। यह परियोजना उत्तर प्रदेश सरकार और भारत सरकार के सहयोग से पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत विकसित की जा रही है।

एयरोड्रोम लाइसेंस मिलने का अर्थ है कि एयरपोर्ट ने रनवे, एयर ट्रैफिक सिस्टम, सुरक्षा मानकों और अन्य तकनीकी आवश्यकताओं से जुड़े सभी मानकों को पूरा कर लिया है। इसके बाद एयरलाइंस कंपनियां यहां से उड़ानें शुरू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ा सकेंगी।

जेवर में बन रहा यह एयरपोर्ट आधुनिक तकनीक और अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। इसे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का एक प्रमुख एविएशन हब बनाने की योजना है, जिससे दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लाखों यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा।

विशेषज्ञों के अनुसार, एयरपोर्ट के शुरू होने से क्षेत्र में निवेश, पर्यटन और रोजगार के अवसरों में भी तेजी आने की उम्मीद है।