तेहरान। पश्चिम एशिया में जारी बढ़ते तनाव के बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने अमेरिका की उस मांग को सख्ती से खारिज कर दिया है, जिसमें ईरान से बिना शर्त आत्मसमर्पण करने को कहा गया था। उन्होंने कहा कि ईरान किसी भी दबाव के आगे झुकने वाला नहीं है और अमेरिका की यह उम्मीद केवल एक “अधूरा सपना” है।
राज्य टीवी पर प्रसारित अपने रिकॉर्डेड संदेश में पेजेशकियन ने कहा कि ईरान की संप्रभुता और सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि ईरान को कम आंकना बड़ी भूल होगी और देश अपनी रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाने में सक्षम है।
पड़ोसी देशों पर हमलों को लेकर जताया खेद
अपने संबोधन में ईरानी राष्ट्रपति ने खाड़ी क्षेत्र के पड़ोसी देशों पर हाल में हुए हमलों को लेकर खेद भी व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और बहरीन पर हुए हमले “गलतफहमी” के कारण हुए और तेहरान भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने की कोशिश करेगा।
पेजेशकियन ने स्पष्ट किया कि ईरान पड़ोसी देशों के साथ टकराव नहीं चाहता। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी देश की जमीन का इस्तेमाल ईरान पर हमले के लिए किया जाता है तो तेहरान अपनी सुरक्षा के लिए जवाबी कदम उठाने का अधिकार रखता है।
अंतरिम नेतृत्व परिषद ने दी मंजूरी
ईरानी मीडिया के अनुसार, पड़ोसी देशों के प्रति यह रुख ईरान की अंतरिम नेतृत्व परिषद द्वारा मंजूर किया गया है। परिषद ने क्षेत्रीय तनाव को कम करने और पड़ोसी देशों के साथ संबंधों को स्थिर रखने पर जोर दिया है।
गौरतलब है कि शनिवार सुबह बहरीन, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात पर हमलों की खबरों के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया था। इसी बीच ईरान की ओर से आया यह बयान क्षेत्रीय हालात को शांत करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।