वॉशिंगटन/तेहरान, 3 अप्रैल 2026।
मध्य पूर्व में अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच जारी भीषण संघर्ष ने अब एक नए और चिंताजनक मोड़ ले लिया है। सैन्य, राजनीतिक और आर्थिक—तीनों मोर्चों पर तेजी से बदलते घटनाक्रम ने वैश्विक स्तर पर अस्थिरता बढ़ा दी है।
Donald Trump प्रशासन ने एक अहम निर्णय लेते हुए अमेरिकी सेना के चीफ ऑफ स्टाफ जनरल Randy George को समय से पहले पद छोड़ने का आदेश दिया है।
यह निर्णय अमेरिकी रक्षा मंत्री Pete Hegseth द्वारा लिया गया।
सूत्रों के अनुसार, जनरल जॉर्ज की रणनीतिक सोच और युद्ध को लेकर दृष्टिकोण सरकार की नीतियों से मेल नहीं खा रही थी। ऐसे समय में जब अमेरिका सीधे संघर्ष में शामिल है, यह बदलाव सेना के भीतर बड़े पुनर्गठन का संकेत माना जा रहा है।
अमेरिका और इज़राइल की संयुक्त कार्रवाई में ईरान के करज शहर (तेहरान के पश्चिम) में स्थित बी1 ब्रिज को निशाना बनाया गया।
यह पुल मध्य-पूर्व का सबसे ऊँचा और रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा था।
हमले के बाद सामने आए दृश्य बेहद भयावह हैं—पुल का एक बड़ा हिस्सा पूरी तरह ढह गया।
ईरानी अधिकारियों के मुताबिक:
यह पुल क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और सैन्य लॉजिस्टिक्स के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण था, इसलिए इसे निशाना बनाना एक रणनीतिक संदेश भी माना जा रहा है।
हमले के तुरंत बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए:
पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए।
इससे संकेत मिलते हैं कि यह संघर्ष अब केवल सीमित युद्ध नहीं रहा, बल्कि पूरे मध्य-पूर्व में फैलने का खतरा बढ़ गया है।
युद्ध का असर अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर भी साफ दिखाई दे रहा है।
Donald Trump के हालिया भाषण के बाद निवेशकों को अपेक्षित भरोसा नहीं मिला, जिसके परिणामस्वरूप:
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि संघर्ष लंबा खिंचता है, तो वैश्विक महंगाई और ऊर्जा संकट और गहरा सकता है।
फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron ने ट्रंप की हालिया टिप्पणियों को “अशोभनीय” बताते हुए कड़ी आलोचना की है।
यूरोपीय देशों में भी इस युद्ध को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है और कूटनीतिक समाधान की मांग तेज हो रही है।