ट्रंप के फ़ेड प्रमुख नामांकन के बाद सोना-चांदी में भारी गिरावट, वैश्विक बाज़ारों में हलचल

ट्रंप के फ़ेड प्रमुख नामांकन के बाद सोना-चांदी में भारी गिरावट, वैश्विक बाज़ारों में हलचल

वॉशिंगटन/न्यूयॉर्क।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा फेडरल रिज़र्व के नए प्रमुख के नाम की घोषणा के बाद वैश्विक वित्तीय बाज़ारों में तेज़ उथल-पुथल देखने को मिली। इस घटनाक्रम का सीधा असर कीमती धातुओं पर पड़ा और सोना-चांदी की कीमतों में एक ही दिन में बड़ी गिरावट दर्ज की गई।

अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में चांदी की कीमतों में लगभग 30 प्रतिशत तक की गिरावट आई, जो कुछ समय के लिए 80 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंच गई। बाद में इसमें आंशिक सुधार देखा गया, लेकिन यह गिरावट पिछले कई दशकों की सबसे बड़ी एक-दिवसीय गिरावटों में से एक मानी जा रही है।

वहीं सोने की कीमतों में भी करीब 11 प्रतिशत की तेज़ गिरावट दर्ज की गई और यह 4,800 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस के आसपास आ गया। बाज़ार विश्लेषकों के अनुसार, निवेशकों की ओर से बड़े पैमाने पर बिकवाली के चलते कीमती धातुओं से जुड़े बाज़ार मूल्य में लगभग 15 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की कमी आंकी जा रही है।

जबरन बिकवाली और मार्जिन कॉल का असर

बाज़ार विशेषज्ञों का कहना है कि हाल के महीनों में चांदी और सोने में भारी सट्टेबाज़ी देखने को मिली थी। कीमतों में अचानक आई गिरावट के बाद मार्जिन कॉल की स्थिति बनी, जिसके चलते निवेशकों को मजबूरी में अपने सौदे काटने पड़े।

एक अमेरिकी ब्रोकरेज फर्म के रणनीतिकार ने कहा,
“कीमती धातुएं हाल के समय में अल्पकालिक निवेशकों की पसंदीदा संपत्ति बन गई थीं। जब कीमतें तेज़ी से गिरीं, तो उधार लेकर निवेश करने वालों पर दबाव बढ़ गया और बड़े पैमाने पर बिक्री हुई।”

आगे की राह पर अनिश्चितता

विशेषज्ञों के अनुसार, फेडरल रिज़र्व की भविष्य की मौद्रिक नीति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। नए प्रमुख की सोच और ब्याज दरों को लेकर रुख़ स्पष्ट होने तक बाज़ारों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है

निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे अल्पकालिक हलचलों से बचते हुए सतर्क रणनीति अपनाएं और अत्यधिक जोखिम वाले सौदों से दूरी बनाए रखें।