ऑस्ट्रेलिया में विशेषज्ञ चिकित्सकों की बढ़ती फ़ीस पर लगाम लगाने की तैयारी, संवैधानिक टकराव की आशंका

ऑस्ट्रेलिया में विशेषज्ञ चिकित्सकों की बढ़ती फ़ीस पर लगाम लगाने की तैयारी, संवैधानिक टकराव की आशंका

कैनबरा।
ऑस्ट्रेलियाई सरकार देश में लगातार बढ़ती विशेषज्ञ चिकित्सकों की फ़ीस को नियंत्रित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर रही है। संघीय स्वास्थ्य मंत्री ने संकेत दिया है कि सरकार विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा मरीजों से वसूली जाने वाली ‘गैप फ़ीस’—यानी मेडिकेयर रिबेट के अतिरिक्त लिए जाने वाले शुल्क—पर कानूनी सीमा (कैप) लगाने का प्रस्ताव ला सकती है। इस कदम से न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की लागत में सुधार की उम्मीद है, बल्कि यह देश के संवैधानिक ढांचे की सीमा का परीक्षण भी कर सकता है।

मंत्री के अनुसार, कई निजी विशेषज्ञ ऐसे हैं जो मेडिकेयर लाभों के बावजूद मरीजों से भारी अतिरिक्त शुल्क वसूलते हैं, जिससे आम नागरिकों पर इलाज का खर्च बढ़ जाता है। सरकार का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं को किफायती बनाए रखना सार्वजनिक हित का विषय है और आवश्यकता पड़ने पर संसद में कानून लाया जाएगा।

हालाँकि, विशेषज्ञ चिकित्सकों के संगठन इस विचार का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि शुल्क पर कानूनी सीमा लगाने से चिकित्सा पेशे की स्वतंत्रता प्रभावित होगी और गुणवत्तापूर्ण सेवाओं पर असर पड़ सकता है। कई विशेषज्ञों ने यह भी सवाल उठाया है कि क्या संघीय सरकार को निजी चिकित्सा शुल्क नियंत्रित करने का संवैधानिक अधिकार प्राप्त है, क्योंकि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कुछ अधिकार राज्यों के अधीन आते हैं।

कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, यदि सरकार यह प्रस्ताव आगे बढ़ाती है, तो मामला हाई कोर्ट तक पहुँचना लगभग तय है। इससे यह निर्धारित होगा कि निजी स्वास्थ्य सेवाओं में सरकार का हस्तक्षेप किस सीमा तक वैध है और निजी क्षेत्र की स्वायत्तता कितनी सुरक्षित है।

मामले का प्रभाव व्यापक माना जा रहा है, क्योंकि ऑस्ट्रेलिया में ‘गैप फ़ीस’ लंबे समय से मरीजों के लिए चिंता का विषय रही है। सरकार के संभावित फैसले पर अब पूरे देश की नज़रें टिकी हैं।