कैनबरा:
ऑस्ट्रेलिया की सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को नई दिशा देने वाला एक बड़ा और ऐतिहासिक समझौता केंद्र सरकार तथा राज्यों और क्षेत्रों के बीच अंतिम समय में संपन्न हो गया है। प्रधानमंत्री Anthony Albanese ने शुक्रवार को घोषणा की कि सार्वजनिक अस्पतालों के लिए अगले पाँच वर्षों में रिकॉर्ड स्तर की फंडिंग सुनिश्चित की गई है, जिससे लंबे समय से चले आ रहे गतिरोध का अंत हो गया।
इस समझौते के तहत कॉमनवेल्थ सरकार सार्वजनिक अस्पतालों के लिए अतिरिक्त 25 अरब ऑस्ट्रेलियाई डॉलर उपलब्ध कराएगी। इसके साथ ही अगले पाँच वर्षों में कुल स्वास्थ्य फंडिंग बढ़कर 219.6 अरब डॉलर तक पहुँच जाएगी, जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। सरकार के अनुसार यह राशि पिछले पाँच वर्षीय समझौते की तुलना में लगभग तीन गुना अधिक है, जो पूर्व मॉरिसन सरकार के कार्यकाल में तय की गई थी।
प्रधानमंत्री अल्बानीज़ ने एक तात्कालिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि यह समझौता “हाल के दशकों में सबसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय सुधारों में से एक” है। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों को भविष्य में भी विश्वस्तरीय और सुलभ सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाएँ मिलती रहें।
प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह फंडिंग केवल अस्पतालों तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे मेडिकेयर को मजबूत किया जाएगा, बुज़ुर्गों की देखभाल व्यवस्था में सुधार होगा और राष्ट्रीय दिव्यांग बीमा योजना (NDIS) पर बढ़ते वित्तीय दबाव को भी संतुलित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि स्वास्थ्य, वृद्ध देखभाल और दिव्यांग सहायता प्रणालियाँ लंबे समय तक टिकाऊ बनी रहें।
समझौते का एक अहम हिस्सा ‘थ्राइविंग किड्स’ कार्यक्रम है, जिसे हल्की बौद्धिक दिव्यांगता वाले छोटे बच्चों के लिए शुरू किया जाएगा। बातचीत में देरी के कारण इस योजना के टलने की आशंका जताई जा रही थी, लेकिन प्रधानमंत्री ने भरोसा दिलाया कि यह कार्यक्रम इसी वर्ष शुरू होगा और ज़रूरतमंद परिवारों को समय पर सहायता मिलेगी।
स्वास्थ्य फंडिंग को लेकर केंद्र और राज्यों के बीच पिछले दो वर्षों से बातचीत चल रही थी। राज्यों और क्षेत्रों का तर्क था कि बढ़ती आबादी, उम्रदराज़ लोगों की संख्या में इज़ाफा और आपातकालीन विभागों पर बढ़ते दबाव को देखते हुए केंद्र सरकार को अपने योगदान में उल्लेखनीय वृद्धि करनी चाहिए। दूसरी ओर, केंद्र सरकार स्वास्थ्य बजट के बढ़ते खर्च को लेकर राज्यों से लागत नियंत्रण की मांग कर रही थी।
तस्मानिया के लिबरल प्रीमियर जेरेमी रॉकलिफ ने कहा कि यह समझौता राज्यों और क्षेत्रों की “मज़बूत पैरवी” का नतीजा है और इससे अस्पतालों तथा आपातकालीन सेवाओं पर दबाव कम होगा। न्यू साउथ वेल्स के प्रीमियर क्रिस मिंस ने भी इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि बुज़ुर्ग होती आबादी के कारण स्वास्थ्य प्रणाली पर आने वाली भविष्य की चुनौतियों से निपटने में यह समझौता अहम भूमिका निभाएगा।
सरकार का मानना है कि यह नया समझौता न केवल सार्वजनिक अस्पतालों की क्षमता बढ़ाएगा, बल्कि पूरे देश में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और पहुँच में भी सुधार लाएगा। इसे संघीय ढांचे के तहत केंद्र और राज्यों के बीच सहयोग का एक महत्वपूर्ण उदाहरण बताया जा रहा है।