ऑस्ट्रेलिया के सिडनी शहर में रविवार को एक ऐतिहासिक क्षण देखा गया, जब करीब 90,000 लोगों ने हार्बर ब्रिज पर मार्च कर इजरायली सैन्य कार्रवाई के विरोध में एकजुट होकर आवाज़ बुलंद की। यह प्रदर्शन गाजा में जारी संघर्ष और नागरिक हताहतों के खिलाफ था। आयोजकों ने इसे "मौन की दीवार को तोड़ने वाला एक ऐतिहासिक और मानवीय कदम" बताया।
यह मार्च शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न समुदायों, मानवाधिकार संगठनों और शांति समर्थकों ने भाग लिया। प्रदर्शनकारियों के हाथों में "गाजा के बच्चों के लिए न्याय", "युद्ध नहीं, शांति चाहिए", और "इंसानियत सबसे ऊपर" जैसे संदेश वाले पोस्टर थे।
हालांकि न्यू साउथ वेल्स पुलिस ने इतने बड़े पैमाने पर हुए इस प्रदर्शन को "जोखिमपूर्ण" और "सुरक्षा की दृष्टि से चुनौतीपूर्ण" बताया, लेकिन आयोजकों का कहना था कि यह मार्च पूरे संयम और अनुशासन के साथ आयोजित किया गया, जिससे दुनिया को शांति और न्याय की पुकार सुनाई दे सके।
एक आयोजक ने कहा, "यह सिर्फ एक विरोध नहीं, एक मानवीय पुकार थी। हम चाहते हैं कि गाजा में खून-खराबा रुके और शांति की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं।"
मार्च के दौरान सिडनी का यातायात कुछ समय के लिए प्रभावित हुआ, लेकिन शहर की जनता ने इस प्रदर्शन का सम्मान करते हुए संयम बरता।
यह प्रदर्शन उस वैश्विक आंदोलन का हिस्सा है, जिसमें दुनिया भर में लोग गाजा में हो रहे मानवाधिकार उल्लंघनों और सैन्य हिंसा के खिलाफ आवाज़ उठा रहे हैं।