मेलबर्न। विक्टोरिया प्रांत में अवैध रूप से तंबाकू उत्पाद बेचने वाली दुकानों के खिलाफ सख़्त कार्रवाई के सरकारी दावों के बावजूद ज़मीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। राज्य सरकार ने हाल ही में तंबाकू बिक्री से संबंधित नए लाइसेंसिंग कानून लागू किए हैं, लेकिन इसके बावजूद अवैध स्मोक शॉप्स को बंद करने की ठोस व्यवस्था अब तक नहीं बन पाई है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि अवैध दुकानों को तुरंत सील करने या बंद कराने से जुड़े कानून अभी “तैयारी और विकास के चरण” में हैं। ऐसे में निरीक्षण अधिकारियों के पास फिलहाल इतना अधिकार नहीं है कि वे नियमों का उल्लंघन कर रही दुकानों को मौके पर ही बंद कर सकें।
रविवार से राज्य में नया तंबाकू लाइसेंसिंग सिस्टम प्रभावी हो गया है, जिसके तहत सभी तंबाकू विक्रेताओं को अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराना होगा। बिना लाइसेंस तंबाकू बेचने वालों पर भारी जुर्माने और कानूनी कार्रवाई का प्रावधान तो है, लेकिन दुकान को तत्काल बंद करने की शक्ति कानून में शामिल नहीं की गई है।
यही वजह है कि कई अवैध तंबाकू दुकानें जुर्माने के बावजूद खुले रहकर कारोबार जारी रखे हुए हैं।
इस स्थिति को लेकर विपक्षी दलों और स्वास्थ्य संगठनों ने सरकार पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि जब तक दुकानों को तुरंत बंद करने का अधिकार अधिकारियों को नहीं मिलेगा, तब तक अवैध तंबाकू व्यापार पर लगाम लगाना संभव नहीं है।
विपक्ष का आरोप है कि सरकार की ढिलाई से संगठित अपराध को बढ़ावा मिल रहा है और अवैध तंबाकू माफिया बेखौफ होकर काम कर रहे हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार अवैध तंबाकू सस्ता होने के कारण युवाओं और निम्न आय वर्ग के लोगों में तेजी से फैल रहा है। इससे धूम्रपान की लत बढ़ने के साथ-साथ सरकार को टैक्स के रूप में मिलने वाला करोड़ों डॉलर का राजस्व भी प्रभावित हो रहा है।
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही सख़्त और प्रभावी कानून नहीं लाए गए, तो यह समस्या और गंभीर रूप ले सकती है।
विक्टोरिया सरकार ने कहा है कि अवैध तंबाकू दुकानों को तुरंत बंद करने से जुड़े कड़े कानून जल्द लाने की योजना है। सरकार का दावा है कि आने वाले समय में प्रवर्तन एजेंसियों को अधिक अधिकार दिए जाएंगे, जिससे अवैध कारोबार पर निर्णायक कार्रवाई संभव हो सकेगी।
हालांकि, तब तक सवाल यही है कि नए कानूनों के बावजूद अवैध तंबाकू की खुलेआम बिक्री पर आखिर कब लगाम लगेगी।