देश में सड़क परिवहन के क्षेत्र में एक अनोखी पहल करते हुए मुंबई में भारत की पहली ‘म्यूजिकल रोड’ तैयार की गई है। मुंबई कोस्टल रोड के एक हिस्से पर बनाई गई इस विशेष सड़क पर वाहन तय गति से गुजरेंगे तो उनके टायरों की रगड़ से मशहूर गीत ‘जय हो’ की धुन सुनाई देगी।
यह ‘मेलोडी रोड’ तकनीक विशेष रूप से डिजाइन की गई है, जिसमें सड़क की सतह पर निश्चित दूरी पर उभरी हुई पट्टियां (रम्बल स्ट्रिप्स) बनाई गई हैं। जब वाहन निर्धारित गति से इन पर गुजरते हैं, तो कंपन के जरिए एक तालबद्ध ध्वनि उत्पन्न होती है, जो मिलकर गीत की धुन का रूप ले लेती है। यदि वाहन बहुत तेज या बहुत धीमी गति से चलेगा, तो धुन स्पष्ट रूप से सुनाई नहीं देगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल का उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा को भी बढ़ावा देना है। चालक यदि तय रफ्तार बनाए रखते हैं, तभी पूरी और स्पष्ट धुन सुनाई देती है। इससे लोग गति सीमा का पालन करने के लिए प्रेरित होंगे।
मुंबई कोस्टल रोड परियोजना पहले ही शहर के यातायात दबाव को कम करने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अब ‘म्यूजिकल रोड’ जैसी पहल इसे तकनीकी नवाचार के रूप में भी पहचान दिला रही है। इस तरह की सड़कें जापान, दक्षिण कोरिया और कुछ यूरोपीय देशों में पहले से मौजूद हैं, लेकिन भारत में यह पहली बार लागू की गई है।
स्थानीय नागरिकों और वाहन चालकों में इस अनोखे प्रयोग को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। कई लोगों ने इसे “ड्राइविंग का नया अनुभव” बताया है। सोशल मीडिया पर भी ‘जय हो’ की धुन बजाती इस सड़क के वीडियो तेजी से साझा किए जा रहे हैं।
मुंबई में शुरू हुई यह पहल भविष्य में अन्य शहरों के लिए भी उदाहरण बन सकती है। यदि यह प्रयोग सफल रहता है, तो देश के अन्य प्रमुख मार्गों पर भी ‘म्यूजिकल रोड’ की अवधारणा लागू की जा सकती है।