मेलबर्न, 17 जुलाई: रॉयल मेलबर्न अस्पताल के शौचालय में कथित तौर पर गुप्त कैमरे मिलने के बाद शुरू हुई जांच अब और गंभीर रूप ले चुकी है। विक्टोरिया पुलिस ने मामले की जांच को और विस्तारित करते हुए अब राज्य के अन्य बड़े अस्पतालों और क्षेत्रीय स्वास्थ्य केंद्रों को भी शामिल किया है। अधिकारियों के अनुसार, इस जासूसी कांड की गंभीरता को देखते हुए संभावित अन्य स्थानों की भी छानबीन की जा रही है।
पुलिस को हाल ही में जानकारी मिली थी कि रॉयल मेलबर्न अस्पताल के एक सार्वजनिक शौचालय में किसी ने छुपकर निगरानी उपकरण (स्पाई कैमरा) लगाया है। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन द्वारा पुलिस को सूचित किया गया और मामले की प्राथमिक जांच शुरू हुई। जांच के शुरुआती नतीजों ने संदेह को और गहरा किया, जिससे पुलिस को लगा कि यह isolated incident नहीं है और इसकी पहुंच अन्य स्थानों तक भी हो सकती है।
रॉयल मेलबर्न अस्पताल के प्रवक्ता ने कहा है कि वे इस घटना को बेहद गंभीरता से ले रहे हैं और पुलिस के साथ पूर्ण सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने एक बयान में कहा,
“हम अपने मरीज़ों, कर्मचारियों और आगंतुकों की निजता और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं। पुलिस की जांच में हरसंभव सहयोग किया जा रहा है और आंतरिक स्तर पर भी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी गई है।”
विक्टोरिया पुलिस ने अब अन्य अस्पतालों, खासकर क्षेत्रीय स्वास्थ्य संस्थानों को भी सतर्क किया है और उनसे कहा गया है कि वे अपने परिसर, विशेषकर शौचालयों और चेंजिंग रूम जैसी जगहों की जांच करें। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या यह किसी संगठित गिरोह की करतूत है या किसी कर्मचारी या आगंतुक द्वारा किया गया काम।
इस घटना के बाद अस्पतालों की सुरक्षा और निजी स्थलों में निगरानी उपकरणों की मौजूदगी को लेकर चिंता बढ़ गई है। यह घटना न सिर्फ मरीजों की निजता का उल्लंघन है, बल्कि यह अस्पताल जैसी जगहों में लोगों के विश्वास को भी चोट पहुंचाती है।
विक्टोरिया पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि अगर किसी को अस्पताल परिसरों में संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे, या फिर किसी ने कुछ असामान्य देखा हो, तो वे तुरंत पुलिस से संपर्क करें। इस मामले में अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन पुलिस ने बताया है कि वे सीसीटीवी फुटेज, कर्मचारियों की ड्यूटी लॉग और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की गहनता से जांच कर रहे हैं।
राज्य सरकार ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए हैं कि सभी सार्वजनिक अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था की तत्काल समीक्षा की जाए। आने वाले दिनों में इस मामले को लेकर और खुलासे हो सकते हैं।
यह मामला अस्पताल परिसरों में डिजिटल निगरानी के खतरों और निजता की रक्षा के लिए कड़े उपायों की आवश्यकता को रेखांकित करता है। जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक अस्पताल प्रशासन और पुलिस हर पहलू को गंभीरता से परख रहे हैं।