मध्य-पूर्व में ईरान से जुड़े युद्ध और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण वैश्विक सप्लाई चेन पर गंभीर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। बड़े उद्योग संगठनों और निर्माताओं ने चेतावनी दी है कि यदि हालात जल्द नहीं सुधरे तो दुनिया को कोविड-19 महामारी के बाद जैसी कीमतों की तेज़ बढ़ोतरी और आपूर्ति संकट का सामना करना पड़ सकता है।
ऑस्ट्रेलिया और अन्य देशों में कई प्रमुख निर्माताओं ने अपने ग्राहकों को सूचित किया है कि कच्चे माल, ऊर्जा और परिवहन की लागत तेजी से बढ़ रही है। इसके कारण कंपनियों को कुछ उत्पादों की कीमतें बढ़ाने और सप्लाई सीमित करने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है। उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि यदि युद्ध लंबा खिंचता है तो इसका असर कई महत्वपूर्ण उद्योगों जैसे प्लास्टिक, निर्माण सामग्री, पैकेजिंग और मेडिकल उपकरणों पर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार मध्य-पूर्व के प्रमुख समुद्री मार्गों में तनाव के कारण तेल और गैस की आपूर्ति बाधित होने का खतरा बढ़ गया है। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईंधन की कीमतों में तेजी आ सकती है, जिसका सीधा असर परिवहन लागत और औद्योगिक उत्पादन पर पड़ेगा। कई देशों में पहले ही ईंधन आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ने लगी है।
व्यापार संगठनों का कहना है कि बढ़ती ऊर्जा लागत का असर केवल उद्योगों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका प्रभाव रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर भी पड़ेगा। खाद्य उत्पादन, कृषि, परिवहन और खुदरा क्षेत्र में लागत बढ़ने से उपभोक्ताओं को महंगाई का सामना करना पड़ सकता है।
कृषि और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों ने भी चेतावनी दी है कि यदि ईंधन महंगा होता है तो खेती, फसल की ढुलाई और खाद्य प्रसंस्करण की लागत बढ़ेगी। इसका परिणाम यह हो सकता है कि आने वाले महीनों में खाद्य पदार्थों और आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि देखने को मिले।
सरकारें स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और आपूर्ति व्यवस्था को बनाए रखने के लिए कई कदमों पर विचार कर रही हैं। हालांकि उद्योग जगत का मानना है कि यदि वैश्विक तनाव जल्द कम नहीं हुआ तो आर्थिक दबाव और महंगाई का दौर लंबा चल सकता है।
अर्थशास्त्रियों का कहना है कि वर्तमान हालात वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बन सकते हैं। यदि आपूर्ति बाधित होती है और ऊर्जा कीमतें लगातार बढ़ती हैं, तो दुनिया को एक बार फिर कोविड-19 के बाद जैसी आर्थिक अस्थिरता और महंगाई का सामना करना पड़ सकता है।