सिडनी। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने होरमुज़ जलडमरूमध्य को बंद करने की धमकी दी है, जिससे वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की आपूर्ति पर गंभीर असर पड़ सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि यह जलमार्ग बंद होता है तो ऑस्ट्रेलिया में पेट्रोल की कीमतें 70 सेंट प्रति लीटर तक बढ़ सकती हैं।
ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख आर्थिक विश्लेषक और AMP के मुख्य अर्थशास्त्री शेन ओलिवर का कहना है कि इस संकट का सीधा असर रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) की मौद्रिक नीति पर भी पड़ेगा। “अगर यह संकट लंबा चलता है तो आर्थिक विकास धीमा पड़ेगा, उपभोक्ता खर्च घटेगा और मुद्रास्फीति पर दबाव आएगा। इससे RBA संभावित रूप से जुलाई, अगस्त और नवंबर में ब्याज दर में कटौती कर सकता है,” उन्होंने कहा।
होरमुज़ जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्ग है, जहां से प्रतिदिन लगभग 20% वैश्विक कच्चा तेल और 25% तरल प्राकृतिक गैस (LNG) का परिवहन होता है। यह जलडमरूमध्य ओमान और ईरान के बीच स्थित है और इसकी चौड़ाई सबसे संकरी जगह पर सिर्फ 34 किलोमीटर है।
शनिवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के तीन प्रमुख परमाणु ठिकानों पर बमबारी के बाद ईरान की संसद ने जलडमरूमध्य को बंद करने का प्रस्ताव पारित किया। ईरान के राष्ट्रपति ने अमेरिका पर "आक्रामकता का जवाब" देने की बात कही है।
हालांकि, अंतिम निर्णय ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल द्वारा लिया जाएगा, जो स्थानीय समयानुसार रविवार देर रात तक कोई फैसला कर सकती है। ईरान की सरकारी प्रसारण सेवा प्रेस टीवी ने इस बात की पुष्टि की है कि इस प्रस्ताव को गंभीरता से लिया जा रहा है।
यदि होरमुज़ जलडमरूमध्य बंद होता है तो न केवल पेट्रोल और गैस की कीमतें आसमान छुएंगी, बल्कि शेयर बाजारों में भारी गिरावट और महंगाई भी बढ़ सकती है। इसका प्रभाव आम उपभोक्ता के बजट पर पड़ेगा और आर्थिक अस्थिरता बढ़ेगी।
निष्कर्ष:
यदि ईरान ने वास्तव में जलडमरूमध्य को बंद कर दिया, तो यह एक वैश्विक आपूर्ति संकट को जन्म देगा जिसका असर ऑस्ट्रेलिया सहित पूरी दुनिया पर पड़ेगा। आने वाले दिनों में रिजर्व बैंक की नीति, शेयर बाजार और ईंधन की कीमतें आम आदमी की जेब को गहराई से प्रभावित कर सकती हैं। जनता को सलाह दी जा रही है कि वे अभी से अपनी ईंधन आवश्यकताओं के लिए तैयार रहें।