आयरन की कमी’ को नज़रअंदाज़ करने से महिला की जान पर बन आई

आयरन की कमी’ को नज़रअंदाज़ करने से महिला की जान पर बन आई

सिडनी।
ऑस्ट्रेलिया में महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। एबिगेल रोडवेल नामक महिला वर्षों तक ‘आयरन डेफ़िशिएंसी’ (लोहे की कमी) से जूझती रही, लेकिन डॉक्टरों ने उनकी शिकायतों को बार-बार नज़रअंदाज़ किया।

लगातार थकान, चक्कर और कमजोरी की शिकायतों के बावजूद उन्हें साधारण कारण बताकर लौटा दिया गया। हालत बिगड़ने पर जब वे अस्पताल पहुंचीं तो एक डॉक्टर ने चौंकाने वाली टिप्पणी की — “आपका ब्लड काउंट किसी शार्क के हमले या बड़े सड़क हादसे के शिकार व्यक्ति जैसा है।”

विशेषज्ञों के अनुसार, यह मामला मेडिकल मिसोजिनी (चिकित्सा जगत में लैंगिक भेदभाव) का उदाहरण है, जहां महिलाओं की स्वास्थ्य समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जाता और उन्हें मानसिक रूप से गैसलाइट किया जाता है।

एबिगेल का कहना है, “अगर मेरी तकलीफ़ को पहले ही गंभीरता से लिया गया होता, तो मैं मौत के मुहाने तक नहीं पहुंचती।”
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने ऑस्ट्रेलिया में महिलाओं के लिए समय पर जांच और उपचार सुनिश्चित करने की अपील की है, खासकर आयरन डेफ़िशिएंसी के मामलों में।