मलयालम सिनेमा के दिग्गज अभिनेता, लेखक और निर्देशक श्रीनिवासन का 79 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। लंबे समय से स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे श्रीनिवासन ने शनिवार को अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से फिल्म जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।
परिवार के करीबी सूत्रों के अनुसार, श्रीनिवासन का इलाज के दौरान अस्पताल में निधन हुआ। बीते कुछ वर्षों से उनकी तबीयत लगातार खराब चल रही थी और उन्हें कई बार अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनके निधन से न सिर्फ उनका परिवार, बल्कि पूरा मलयालम फिल्म उद्योग गहरे सदमे में है।
श्रीनिवासन मलयालम सिनेमा के उन कलाकारों में शामिल थे, जिन्होंने अपनी सशक्त लेखनी, बेहतरीन अभिनय और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी फिल्मों के जरिए अलग पहचान बनाई। उन्होंने हास्य, व्यंग्य और यथार्थवादी सिनेमा को नई दिशा दी। अभिनेता के रूप में जहां उन्होंने आम आदमी के किरदारों को जीवंत किया, वहीं लेखक और निर्देशक के तौर पर भी कई यादगार फिल्में दीं।
उनका फिल्मी सफर कई दशकों तक फैला रहा, जिसमें उन्होंने सैकड़ों फिल्मों में अभिनय किया और दर्जनों सफल फिल्मों की पटकथा लिखी। उनके योगदान के लिए उन्हें कई पुरस्कारों और सम्मानों से भी नवाजा गया।
श्रीनिवासन के निधन पर फिल्मी हस्तियों, प्रशंसकों और राजनीतिक नेताओं ने गहरा दुख व्यक्त किया है। सोशल मीडिया पर लोग उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं और उनके काम को याद कर रहे हैं।
दिग्गज कलाकार का जाना मलयालम सिनेमा के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उनके द्वारा रचा गया सिनेमा और निभाए गए किरदार हमेशा दर्शकों के दिलों में जीवित रहेंगे।