लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला को हटाने के प्रस्ताव पर आज वोटिंग, सदन में हंगामे के बीच कार्यवाही स्थगित

लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला को हटाने के प्रस्ताव पर आज वोटिंग, सदन में हंगामे के बीच कार्यवाही स्थगित

नई दिल्ली, 11 मार्च। संसद के बजट सत्र के दौरान लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला को पद से हटाने के प्रस्ताव पर बुधवार को चर्चा जारी रही। कांग्रेस सांसद डॉ. मोहम्मद जावेद द्वारा पेश किए गए इस प्रस्ताव पर सदन में कुल 10 घंटे की बहस तय की गई है। चर्चा का दूसरा दिन होने के कारण आज विभिन्न दलों के कई वरिष्ठ नेता अपने विचार रख सकते हैं। जानकारी के अनुसार गृह मंत्री अमित शाह भी इस प्रस्ताव पर सदन में अपनी बात रख सकते हैं, जिसके बाद इस पर वोटिंग होने की संभावना है।

सत्र के दौरान विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। लोकसभा में विपक्षी दलों के जोरदार हंगामे के कारण प्रश्नकाल की कार्यवाही सुचारु रूप से नहीं चल सकी। सदन में लगातार नारेबाजी और वेल में आकर प्रदर्शन करने के चलते पीठासीन अधिकारी दिलीप सैकिया ने कई बार सदस्यों से अपनी सीटों पर लौटने और सदन चलने देने की अपील की, लेकिन हंगामा जारी रहने पर लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

इससे पहले बजट सत्र की कार्यवाही शुरू होने से पहले विपक्षी सांसदों ने संसद भवन के मुख्य प्रवेश द्वार पर प्रदर्शन किया। विपक्ष का आरोप है कि देश के कई हिस्सों में कमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति प्रभावित हो रही है। केरल के वायनाड से कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी भी इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हुईं और सरकार से देशभर में सिलेंडर की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की।

उधर राज्यसभा में भी विभिन्न मुद्दों पर चर्चा जारी रही। उत्तर प्रदेश से बीजेपी सांसद बाबूराम निषाद ने पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति के दौरे के दौरान कथित प्रोटोकॉल उल्लंघन का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि राज्यों की सरकारों को संविधान के प्रति अपनी जिम्मेदारी का पालन करना चाहिए और इस प्रकार की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

वहीं आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने बस बॉडी मेकर्स से जुड़े उद्योग की समस्याओं को उठाया। उन्होंने कहा कि बसों में आग लगने की कुछ घटनाओं के बाद सुरक्षा नियमों को सख्त कर दिया गया है, जिससे इस क्षेत्र से जुड़े लाखों लोगों के रोजगार पर असर पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से अपील की कि सुरक्षा मानकों से समझौता किए बिना नियमों को व्यवहारिक बनाया जाए, ताकि छोटे निर्माताओं पर आर्थिक बोझ कम हो सके।

संसद के बजट सत्र के दौरान स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव, विपक्ष के विरोध प्रदर्शन और विभिन्न जनहित के मुद्दों को लेकर सदन का माहौल लगातार गरम बना हुआ है।