**15,000 करोड़ रुपये का निवेश, हजारों को मिलेगा रोजगार

महाराष्ट्र में बनेगा महिंद्रा का अत्याधुनिक ‘मेगा मैन्युफैक्चरिंग प्लांट’**

**15,000 करोड़ रुपये का निवेश, हजारों को मिलेगा रोजगार

नागपुर। देश की अग्रणी ऑटोमोबाइल कंपनी महिंद्रा एंड महिंद्रा ने महाराष्ट्र के औद्योगिक विकास को नई गति देने वाला बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने विदर्भ क्षेत्र में करीब 15,000 करोड़ रुपये के निवेश से एक विशाल और अत्याधुनिक मेगा मैन्युफैक्चरिंग प्लांट स्थापित करने की घोषणा की है। यह निवेश न केवल राज्य की औद्योगिक क्षमता को मजबूत करेगा, बल्कि इससे हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार अवसर भी सृजित होंगे।

यह घोषणा नागपुर में आयोजित एडवांटेज विदर्भ सम्मेलन के दौरान की गई। लंबे समय से औद्योगिक निवेश की प्रतीक्षा कर रहे विदर्भ क्षेत्र के लिए इस फैसले को एक ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।

1,500 एकड़ में फैली होगी विशाल औद्योगिक इकाई

महिंद्रा का यह प्रस्तावित मेगा प्लांट लगभग 1,500 एकड़ भूमि में विकसित किया जाएगा। यहां कंपनी की यात्री कारों, एसयूवी और ट्रैक्टरों का बड़े पैमाने पर उत्पादन किया जाएगा। कंपनी का लक्ष्य इस यूनिट के पूरी तरह चालू होने के बाद हर साल करीब 5 लाख वाहनों और 1 लाख ट्रैक्टरों का निर्माण करना है। यह संयंत्र महिंद्रा की देश की सबसे बड़ी एकीकृत उत्पादन इकाइयों में शामिल होगा।

आधुनिक तकनीक और भविष्य की तैयारी

इस प्लांट को नवीनतम ऑटोमेशन, डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग और स्मार्ट फैक्ट्री तकनीकों से लैस किया जाएगा। यहां पारंपरिक वाहनों के साथ-साथ इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) और भविष्य की मोबिलिटी से जुड़े उत्पादों का भी निर्माण किया जाएगा। इससे महिंद्रा को घरेलू बाजार के साथ-साथ वैश्विक निर्यात में भी बढ़त मिलेगी।

सप्लायर पार्क से मजबूत होगी औद्योगिक श्रृंखला

महिंद्रा की योजना केवल मुख्य प्लांट तक सीमित नहीं है। कंपनी छत्रपति संभाजीनगर क्षेत्र में लगभग 150 एकड़ में एक सप्लायर पार्क भी विकसित करेगी। इससे ऑटो पार्ट्स निर्माताओं को पास में ही उत्पादन और आपूर्ति की सुविधा मिलेगी, जिससे लागत घटेगी और स्थानीय उद्योगों को प्रोत्साहन मिलेगा।

2028 से उत्पादन शुरू करने का लक्ष्य

कंपनी के अनुसार, मेगा प्लांट का निर्माण चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा और साल 2028 से यहां उत्पादन शुरू होने की उम्मीद है। निवेश अगले एक दशक में चरणों में किया जाएगा, ताकि उत्पादन क्षमता को बाजार की मांग के अनुरूप बढ़ाया जा सके।

रोजगार और क्षेत्रीय विकास को मिलेगा बढ़ावा

इस परियोजना से प्रत्यक्ष रूप से हजारों लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है, वहीं अप्रत्यक्ष रूप से ट्रांसपोर्ट, लॉजिस्टिक्स, निर्माण और सप्लाई चेन से जुड़े क्षेत्रों में भी बड़े पैमाने पर नौकरियां पैदा होंगी। इससे विदर्भ क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी और पलायन की समस्या को भी कम करने में मदद मिलेगी।

राज्य सरकार ने बताया बड़ी उपलब्धि

महाराष्ट्र सरकार ने इस निवेश को राज्य के औद्योगिक भविष्य के लिए मील का पत्थर बताया है। सरकार का मानना है कि यह परियोजना विदर्भ को एक मजबूत ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित करेगी और राज्य की अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक लाभ पहुंचाएगी।

भारत के मैन्युफैक्चरिंग विज़न को मजबूती

विशेषज्ञों के अनुसार, यह निवेश ‘मेक इन इंडिया’ और ‘मेक फॉर द वर्ल्ड’ जैसी पहलों को भी मजबूती देगा। बढ़ती वैश्विक मांग के बीच भारत को एक भरोसेमंद उत्पादन केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में यह कदम बेहद अहम माना जा रहा है।