मणिपुर में नई सरकार गठन की प्रक्रिया तेज

दो उपमुख्यमंत्री होंगे, गृह मंत्री का नाम तय

मणिपुर में नई सरकार गठन की प्रक्रिया तेज

इंफाल।
मणिपुर में राष्ट्रपति शासन समाप्त होने से पहले नई सरकार के गठन की प्रक्रिया तेज़ हो गई है। सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी ने राज्य में स्थिर और संतुलित सरकार बनाने की दिशा में अहम कदम उठाए हैं। पार्टी ने तय किया है कि नई सरकार में दो उपमुख्यमंत्री होंगे, जबकि गृह मंत्री के पद के लिए नाम भी अंतिम रूप से तय कर लिया गया है।

दिल्ली में हुई भाजपा की उच्च स्तरीय बैठक के बाद यह निर्णय सामने आया है। बैठक में पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व और मणिपुर के वरिष्ठ नेताओं ने हिस्सा लिया। सूत्रों के अनुसार, भाजपा विधायक दल ने वाई. खेमचंद सिंह को अपना नेता चुन लिया है। इसके साथ ही उनके मणिपुर के अगले मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ़ हो गया है।

सामाजिक संतुलन पर विशेष ध्यान

भाजपा नेतृत्व ने राज्य की संवेदनशील सामाजिक और जातीय संरचना को ध्यान में रखते हुए दो उपमुख्यमंत्रियों की व्यवस्था करने का फैसला किया है। इनमें एक उपमुख्यमंत्री कुकी समुदाय से और दूसरा नागा समुदाय से होगा। माना जा रहा है कि इससे मेइती, कुकी और नागा समुदायों के बीच संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी और राज्य में विश्वास बहाली की प्रक्रिया को बल मिलेगा।

गृह मंत्री का चेहरा तय

राज्य की कानून-व्यवस्था को देखते हुए गृह मंत्रालय को विशेष महत्व दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक, भाजपा ने गृह मंत्री पद के लिए गोविंददास कोंथौजाम के नाम पर मुहर लगा दी है। वे अनुभवी नेता माने जाते हैं और प्रशासनिक मामलों में उनकी पकड़ को देखते हुए उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी जा रही है।

राष्ट्रपति शासन की पृष्ठभूमि

उल्लेखनीय है कि मणिपुर में जातीय हिंसा और राजनीतिक अस्थिरता के चलते पिछले वर्ष राष्ट्रपति शासन लागू किया गया था। पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद राज्य की कमान केंद्र के हाथों में चली गई थी। राष्ट्रपति शासन की अवधि अब समाप्ति की ओर है और भाजपा चाहती है कि उससे पहले पूर्ण बहुमत वाली निर्वाचित सरकार का गठन कर दिया जाए।

जल्द शपथ ग्रहण समारोह

सूत्रों का कहना है कि नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह जल्द ही इंफाल में आयोजित किया जा सकता है। मुख्यमंत्री, दोनों उपमुख्यमंत्री और मंत्रिपरिषद के अन्य सदस्यों के नामों की औपचारिक घोषणा एक-दो दिन में होने की संभावना है।

नई सरकार के गठन को मणिपुर में राजनीतिक स्थिरता, प्रशासनिक मजबूती और सामाजिक सौहार्द की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।