‘शर्मनाक कट्टरता’: मार्क लेथम पर मर्यादा और गरिमा को ठेस पहुंचाने के गंभीर आरोप

‘शर्मनाक कट्टरता’: मार्क लेथम पर मर्यादा और गरिमा को ठेस पहुंचाने के गंभीर आरोप

सिडनी: एक बार फिर ऑस्ट्रेलियाई राजनीति में विवादों की आंच तेज हो गई है, और इस बार केंद्र में हैं पूर्व सांसद और विवादास्पद राजनीतिक हस्ती मार्क लेथम। बीते दिनों एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान “हैंडशेक” की एक तस्वीर ने सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में गहरी हलचल मचा दी। इस घटना ने लाखों मतदाताओं के उस संदेह को पुख्ता कर दिया, जो वे वर्षों से लेथम के बारे में महसूस कर रहे थे।

लेथम पर आरोप है कि वे सार्वजनिक जीवन में लगातार अभद्र, असंवेदनशील और कट्टरतावादी भाषा का उपयोग करते रहे हैं। एक वरिष्ठ महिला पत्रकार ने खुलासा किया है कि आज से लगभग 20 साल पहले, मार्क लेथम ने उन्हें “अबॉमिनेबल स्नो वुमन” (भयानक हिमनारी) कहकर उनका अपमान किया था। पीड़ित पत्रकार के अनुसार, "बीते दो दशकों में उनके व्यवहार में सुधार की बजाय गिरावट ही आई है।"

यह अकेला मामला नहीं है — लेथम की राजनीतिक यात्रा में कई ऐसे उदाहरण रहे हैं, जहां उन्होंने सार्वजनिक मंचों से आपत्तिजनक बयान दिए हैं, अल्पसंख्यकों और महिलाओं के खिलाफ टिप्पणियां की हैं और सामाजिक शिष्टाचार की सीमाएं लांघी हैं।

विपक्षी दलों और महिला अधिकार संगठनों ने लेथम की आलोचना करते हुए कहा है कि "ऐसी सोच और व्यवहार लोकतांत्रिक मूल्यों को ठेस पहुंचाते हैं।" सोशल मीडिया पर भी लेथम को “शर्मनाक कट्टरपंथी” कहकर उनकी आलोचना की जा रही है।

अब सवाल यह उठता है कि क्या ऐसी विचारधारा रखने वाले व्यक्ति को सार्वजनिक जीवन में जगह मिलनी चाहिए? यह घटना न केवल लेथम के राजनीतिक भविष्य पर प्रश्नचिन्ह लगाती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि ऑस्ट्रेलियाई राजनीति में गरिमा और सम्मान की रक्षा के लिए अब और अधिक सख्ती की जरूरत है।