लखनऊ में पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट

सात लोगों की मौत, पांच गंभीर रूप से घायल; सीएम योगी ने जताया शोक, राहत कार्य जारी

लखनऊ में पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट

लखनऊ, रविवार। राजधानी लखनऊ के गुडंबा थाना क्षेत्र के बेहटा इलाके में रविवार को एक पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट हो गया। धमाका इतना तेज था कि आसपास के कई मकान हिल गए और फैक्ट्री का भवन पूरी तरह मलबे में तब्दील हो गया। घटना ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी। स्थानीय लोग घरों से बाहर निकल आए और बचाव कार्य में जुट गए।

सात की मौत, पांच घायल

प्राथमिक जानकारी के अनुसार इस भीषण हादसे में सात लोगों की मौत होने की पुष्टि हुई है, जबकि पांच लोग गंभीर रूप से घायल हैं। घायलों को नज़दीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है। मृतकों की शिनाख्त की प्रक्रिया जारी है।

राहत-बचाव कार्य

धमाके की सूचना मिलते ही पुलिस, एंबुलेंस और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं। बचावकर्मी मलबे में दबे लोगों को निकालने में जुटे हुए हैं। इलाके को चारों तरफ से घेरकर सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि फैक्ट्री में विस्फोटक सामग्री किस मात्रा में रखी गई थी, इसकी जांच की जा रही है।

चश्मदीदों की दहशत

मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार धमाका इतना तेज था कि आसपास के घरों की खिड़कियों के शीशे चटक गए। एक चश्मदीद ने बताया— “हमने अचानक तेज धमाका सुना और फैक्ट्री की इमारत धूल के गुबार में उड़ गई। लोग चीखते-चिल्लाते हुए बाहर भागे। यह दृश्य बेहद डरावना था।”

मुख्यमंत्री ने लिया संज्ञान

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस दर्दनाक हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताते हुए घायलों के समुचित इलाज के निर्देश दिए हैं। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत कार्य में तेजी लाने और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं।

जांच के आदेश

पुलिस और प्रशासन ने फैक्ट्री के संचालन से संबंधित कागजात की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक आशंका है कि फैक्ट्री में बड़ी मात्रा में पटाखे और बारूद का भंडारण किया गया था, जिसके चलते धमाका इतना जबरदस्त हुआ। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।


निष्कर्ष

लखनऊ का यह हादसा न सिर्फ एक बड़ी मानवीय त्रासदी है, बल्कि पटाखा फैक्ट्रियों में सुरक्षा इंतज़ामों पर भी सवाल खड़े करता है। प्रशासन जहां राहत एवं बचाव कार्य में लगा है, वहीं स्थानीय लोग अब भी सदमे और डर के माहौल में हैं।