वॉशिंगटन: अमेरिका की प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप ने अपने और कुख्यात वित्तीय अपराधी जेफ्री एपस्टीन के बीच कथित संबंधों को लेकर चल रही चर्चाओं को सख्ती से खारिज करते हुए इन्हें पूरी तरह झूठा और भ्रामक बताया है। उन्होंने कहा कि उनके नाम को गलत तरीके से इस मामले से जोड़ा जा रहा है और इससे उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।
व्हाइट हाउस में जारी एक विस्तृत बयान में उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया और अन्य मंचों पर उनके बारे में कई तरह की भ्रामक जानकारियां, फर्जी तस्वीरें और आधारहीन कहानियां फैलाई जा रही हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि ऐसी अपुष्ट और संदिग्ध सामग्री पर विश्वास न करें।
मेलानिया ट्रंप ने स्पष्ट किया कि उनका एपस्टीन की गतिविधियों या अपराधों से किसी भी प्रकार का कोई संबंध नहीं रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि वे न तो कभी उसके निजी विमान में गईं और न ही उसके निजी द्वीप पर गईं। उन्होंने कहा कि उन्हें उसके आपराधिक कृत्यों की कोई जानकारी नहीं थी और वे इस पूरे मामले से पूरी तरह असंबंधित हैं।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी मुलाकात डोनाल्ड ट्रंप से 1998 में न्यूयॉर्क में एक सामाजिक कार्यक्रम के दौरान हुई थी, जिसमें एपस्टीन की कोई भूमिका नहीं थी। इसके अलावा, उन्होंने बताया कि उनकी एपस्टीन से पहली और सीमित मुलाकात वर्ष 2000 में एक कार्यक्रम के दौरान हुई थी, जब वे दोनों एक ही सामाजिक दायरे में मौजूद थे।
मेलानिया ने कहा कि उस समय न्यूयॉर्क और फ्लोरिडा के उच्च वर्गीय सामाजिक समूहों में कई प्रभावशाली लोगों का आपस में मिलना-जुलना सामान्य बात थी। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका एपस्टीन या उससे जुड़े किसी व्यक्ति के साथ कोई व्यक्तिगत या गहरा संबंध नहीं था।
घिसलेन मैक्सवेल के साथ उनके ईमेल संवाद को लेकर उठे सवालों पर भी उन्होंने सफाई दी। उन्होंने कहा कि यह केवल औपचारिक और सामान्य बातचीत थी, जिसे किसी भी तरह से विशेष या संदिग्ध संबंध के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
अपने बयान में उन्होंने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ लगाए जा रहे ये आरोप “राजनीतिक रूप से प्रेरित” हैं और कुछ लोग जानबूझकर उनकी छवि को धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की गलत जानकारी समाज में भ्रम फैलाती है और इससे वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकता है।
अंत में, उन्होंने एपस्टीन मामले के पीड़ितों के प्रति सहानुभूति व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें न्याय मिलना चाहिए। उन्होंने इस मामले में पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच की आवश्यकता पर भी जोर दिया, ताकि सच्चाई सामने आ सके और पीड़ितों को न्याय मिल सके।