कैनबरा। वैश्विक स्तर पर बढ़ती अनिश्चितता और ऊँचे कमोडिटी दामों के बीच ऑस्ट्रेलिया की अर्थव्यवस्था को खनन क्षेत्र से बड़ा फायदा मिला है। देश के कोषाध्यक्ष Jim Chalmers को खनन कंपनियों से कंपनी टैक्स के रूप में लगभग 8.1 अरब डॉलर की अतिरिक्त आय प्राप्त हुई है, जिससे सरकार के बजट को मजबूत आधार मिला है।
सरकार के अनुसार, कोयला, लोहा अयस्क और गैस जैसे संसाधनों की अंतरराष्ट्रीय मांग में तेजी और कीमतों में उछाल के कारण खनन कंपनियों के मुनाफे में भारी वृद्धि हुई है। इसी का असर टैक्स संग्रह पर पड़ा है, जो उम्मीद से कहीं अधिक रहा।
यह अतिरिक्त राजस्व ऐसे समय में आया है जब सरकार महंगाई, बढ़ती ब्याज दरों और वैश्विक आर्थिक दबावों से जूझ रही है। इस धनराशि का उपयोग बजट घाटा कम करने, कर्ज घटाने और नई कल्याणकारी योजनाओं को लागू करने में किया जाएगा।
कोषाध्यक्ष जिम चाल्मर्स ने कहा कि यह “अस्थायी लेकिन महत्वपूर्ण” लाभ है, जिसे सावधानी से उपयोग करना जरूरी है। उन्होंने संकेत दिया कि सरकार इस रकम का इस्तेमाल जिम्मेदारी के साथ करेगी ताकि भविष्य में आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित की जा सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह खनन आधारित आय लंबे समय तक स्थिर नहीं रह सकती, क्योंकि यह वैश्विक बाजार की स्थितियों पर निर्भर करती है। इसलिए सरकार को इस अतिरिक्त आय का उपयोग दीर्घकालिक सुधारों और उत्पादक निवेश में करना चाहिए।
कुल मिलाकर, खनन क्षेत्र से मिली यह अप्रत्याशित आय सरकार के लिए राहत लेकर आई है, लेकिन इसके उपयोग में संतुलन और दूरदर्शिता बेहद जरूरी होगी।