दो दिवसीय इस्राइल दौरे पर रवाना हुए प्रधानमंत्री मोदी, 71 हजार करोड़ के रक्षा सौदों पर टिकीं निगाहें

दो दिवसीय इस्राइल दौरे पर रवाना हुए प्रधानमंत्री मोदी, 71 हजार करोड़ के रक्षा सौदों पर टिकीं निगाहें

नई दिल्ली, 25 फरवरी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर इस्राइल रवाना हुए। यह दौरा इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के निमंत्रण पर हो रहा है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस यात्रा का उद्देश्य भारत-इस्राइल रणनीतिक साझेदारी को और मजबूती देना तथा रक्षा, प्रौद्योगिकी और नवाचार जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग को विस्तार देना है।

दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी की इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ व्यापक वार्ता होगी। दोनों नेता द्विपक्षीय संबंधों की प्रगति की समीक्षा करेंगे और भविष्य की रूपरेखा पर चर्चा करेंगे। माना जा रहा है कि बैठक में लगभग 71 हजार करोड़ रुपये के संभावित रक्षा सौदों पर विशेष रूप से विचार किया जाएगा। इनमें आयरन डोम वायु रक्षा प्रणाली, उन्नत मिसाइल तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित ड्रोन प्रणालियों से जुड़े प्रस्ताव शामिल हो सकते हैं।

सूत्रों के अनुसार, भारत अपनी वायु रक्षा क्षमता को और सुदृढ़ करने के लिए इस्राइल की आयरन डोम प्रणाली में रुचि दिखा रहा है। इसके अतिरिक्त सीमा सुरक्षा और निगरानी तंत्र को आधुनिक बनाने के लिए अत्याधुनिक ड्रोन और साइबर सुरक्षा सहयोग पर भी चर्चा संभावित है।

प्रधानमंत्री मोदी इस्राइल के राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग से भी शिष्टाचार भेंट करेंगे। इसके अलावा, उनके द्वारा इस्राइली संसद (कनेस्सेट) को संबोधित किए जाने की संभावना जताई जा रही है, जहां वे लोकतांत्रिक मूल्यों, नवाचार और साझा सुरक्षा चुनौतियों पर भारत का दृष्टिकोण रख सकते हैं।

विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा है कि दोनों देशों के बीच विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, कृषि, जल प्रबंधन, स्टार्टअप, व्यापार एवं निवेश तथा लोगों के बीच संपर्क जैसे क्षेत्रों में सहयोग लगातार बढ़ा है। इस यात्रा से इन क्षेत्रों में नए समझौतों और संयुक्त परियोजनाओं को गति मिलने की उम्मीद है।

क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना है, जिनमें पश्चिम एशिया की स्थिति, आतंकवाद-रोधी सहयोग और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता जैसे विषय शामिल हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह दौरा न केवल रक्षा साझेदारी को नई दिशा देगा, बल्कि तकनीकी और आर्थिक सहयोग को भी नई ऊंचाई पर ले जाएगा। भारत और इस्राइल के बीच पिछले कुछ वर्षों में संबंधों में उल्लेखनीय मजबूती आई है, और यह यात्रा उसी क्रम को आगे बढ़ाने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।