ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया राज्य की राजधानी मेलबर्न में मशहूर “डेथ कैप मशरूम केस” का अंत हो गया है। अदालत ने दोषी पाई गई महिला एरिन पैटरसन को उम्रकैद की सज़ा सुनाई है। उसे कम से कम 33 साल जेल में गुज़ारने होंगे।
शुक्रवार को विक्टोरियन सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश क्रिस्टोफ़र बील ने पैटरसन को सज़ा सुनाते हुए कहा –
“आपका अपराध सबसे गंभीर श्रेणी का है। आपने अपने ही परिवार के साथ विश्वासघात किया। जिन लोगों को आपने ज़हर दिया, वे न सिर्फ़ आपके रिश्तेदार थे, बल्कि वर्षों से आपके और आपके बच्चों के लिए अच्छा करने वाले थे।”
न्यायाधीश ने यह भी कहा कि पैटरसन ने अपने अपराध के दौरान “कोई दया नहीं दिखाई” और यह एक “भयानक विश्वासघात” था।
2023 में एरिन पैटरसन ने अपने पति के परिवार को घर पर लंच के लिए बुलाया। उस लंच में उसने मशरूम परोसे, जिन्हें बाद में “डेथ कैप” (ज़हरीले मशरूम) साबित किया गया।
डॉन और गेल पैटरसन – उसके अलग रह रहे पति साइमन पैटरसन के माता-पिता
हेदर विल्किंसन – साइमन की चाची
आयन पैटरसन – हेडर के पति, जो गंभीर रूप से बीमार तो हुए लेकिन जान बच गई।
इन तीनों की मौत ने पूरे ऑस्ट्रेलिया को झकझोर दिया और यह मामला राष्ट्रीय सुर्खियों में छा गया।
सज़ा सुनाए जाने के लगभग एक घंटे बाद एरिन पैटरसन को एक प्रिजन ट्रक से डेम फ़िलिस फ़्रॉस्ट महिला उच्च सुरक्षा जेल ले जाया गया। यह जेल मेलबर्न से आधे घंटे की दूरी पर है।
जब पैटरसन को अदालत से जेल ले जाया जा रहा था, तब बड़ी संख्या में मीडिया और स्थानीय लोग मौजूद थे। अदालत सूत्रों के अनुसार, उसकी कुख्याति को देखते हुए उसे संभवतः पूरी सज़ा के दौरान सुरक्षा हिरासत (Protective Custody) में रखा जाएगा।
इस पूरे मामले की सुनवाई 11 हफ़्तों तक चली। जूरी ने अंत में यह माना कि पैटरसन ने जानबूझकर ज़हरीले मशरूम खिलाकर यह साज़िश रची थी।
अभियोजन पक्ष ने तर्क दिया कि यह “योजना बद्ध हत्या” थी, जबकि बचाव पक्ष का कहना था कि यह महज़ एक हादसा है। लेकिन अदालत ने सबूतों और गवाहियों के आधार पर पैटरसन को दोषी पाया।
यह घटना केवल एक हत्या का मामला नहीं रही, बल्कि पूरे ऑस्ट्रेलिया में पारिवारिक रिश्तों, विश्वास और ज़हरखुरानी पर बड़ी बहस छेड़ गई। एक साधारण से लंच ने तीन ज़िंदगियां छीन लीं और एक परिवार को हमेशा के लिए तोड़ दिया।
लोगों के बीच अब भी यह सवाल गूंज रहा है – आखिर क्यों एक महिला ने अपने ही ससुराल के लोगों को इस तरह मौत के घाट उतारा?