वर्ल्ड डेस्क | 19 जून 2025
ईरान और इज़राइल के बीच बढ़ते तनाव के बीच एक चौंकाने वाला घटनाक्रम सामने आया है। चीन से उड़ान भरने वाले कई रहस्यमयी कार्गो विमानों ने ईरान के हवाई क्षेत्र के करीब पहुंचते ही रडार से गायब होना शुरू कर दिया। इन विमानों की गतिविधियों ने वैश्विक सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।
ब्रिटिश अखबार The Telegraph की रिपोर्ट के अनुसार, बीते शनिवार, रविवार और सोमवार को चीन के विभिन्न शहरों से तीन बोइंग 747 कार्गो विमान रवाना हुए। ये विमान उत्तर चीन से होते हुए कज़ाकिस्तान, फिर उज्बेकिस्तान और तुर्कमेनिस्तान के हवाई क्षेत्र में दाखिल हुए और जैसे ही ईरान के समीप पहुंचे, रडार से अचानक गायब हो गए।
इन विमानों की फ्लाइट योजना के अनुसार, गंतव्य लक्समबर्ग था, लेकिन इनमें से कोई भी विमान यूरोप के नजदीक नहीं पहुंचा। इन विमानों का बोइंग 747 मॉडल आमतौर पर भारी सैन्य सामग्री और हथियारों की ढुलाई में इस्तेमाल किया जाता है, जिससे संदेह और गहरा हो गया है कि कहीं चीन चुपचाप ईरान को सैन्य मदद तो नहीं पहुंचा रहा।
मध्य-पूर्व और अफ्रीका में चीन के संबंधों के विशेषज्ञ और यूनिवर्सिटी ऑफ एक्सेटर (यूके) के लेक्चरर एंड्रिया घिसेली ने कहा, “इन कार्गो विमानों की गतिविधियां विशेष ध्यान आकर्षित कर रही हैं क्योंकि ऐसी आशंका है कि चीन ईरान की किसी प्रकार मदद कर सकता है।”
इस घटनाक्रम को ऐसे समय पर देखा जा रहा है जब इज़राइल और ईरान के बीच सैन्य तनाव अपने चरम पर है। कुछ दिनों पहले ही इज़राइल ने ईरान पर बड़ा हमला किया था। ऐसे में किसी बाहरी शक्ति द्वारा सैन्य सामग्री की आपूर्ति अंतरराष्ट्रीय कूटनीति को जटिल बना सकती है।
फिलहाल न चीन और न ही ईरान ने इन उड़ानों को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी किया है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस पूरे घटनाक्रम पर पैनी नजर बनाए हुए है। यह मामला आने वाले दिनों में वैश्विक शक्ति समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।