$31 मिलियन की टेंडर डील पर जांच लटकी, 16 महीने से NACC चुप

$31 मिलियन की टेंडर डील पर जांच लटकी, 16 महीने से NACC चुप

नई दिल्ली:
करीब 31 मिलियन डॉलर (लगभग 260 करोड़ रुपये) के टेंडर घोटाले को लेकर राष्ट्रीय भ्रष्टाचार निरोधक आयोग (NACC) पर सवाल उठ रहे हैं। एक व्हिसलब्लोअर ने 16 महीने पहले आयोग को शिकायत दी थी, लेकिन अब तक जांच आगे नहीं बढ़ी।

यह मामला एक सरकारी ठेके से जुड़ा है, जिसमें कथित तौर पर भ्रष्टाचार हुआ है। आरोप है कि टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी कर एक खास कंपनी को फायदा पहुंचाया गया। शिकायत के बावजूद आयोग न तो सार्वजनिक रूप से कोई बयान दे रहा है, और न ही किसी कार्रवाई का संकेत मिल रहा है।

सूत्रों के अनुसार, यह ठेका एक बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट से जुड़ा है, और इसमें कई अफसरों की मिलीभगत की आशंका जताई गई थी। शिकायत में दस्तावेज़ी सबूत भी दिए गए थे, लेकिन अब तक आयोग ने न जांच शुरू की और न ही किसी को तलब किया।

गांव-देहात से जुड़े जागरूक लोगों और पूर्व अफसरों ने इसे गंभीर मामला बताया है। एक रिटायर्ड अधिकारी ने कहा, "जब ऐसे बड़े मामलों में भी कार्रवाई नहीं होती, तो आम जनता का भरोसा संस्थाओं से उठने लगता है।"

सरकार की तरफ से अभी तक कोई स्पष्ट जवाब नहीं आया है। NACC ने भी इस मामले पर चुप्पी साध रखी है।

जनता पूछ रही है – न्याय कब मिलेगा?

अब ग्रामीण जनता और सोशल मीडिया पर यह सवाल उठ रहा है कि इतने महीनों बाद भी जांच क्यों लटकी हुई है। क्या बड़े अफसरों को बचाने की कोशिश हो रही है? या फिर भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई सिर्फ कागज़ों तक सीमित है?