सिडनी: ऑस्ट्रेलिया में राष्ट्रीय स्तर की छात्र मूल्यांकन परीक्षा NAPLAN के परिणामों के कथित गलत उपयोग को लेकर परीक्षा प्राधिकरण के प्रमुख ने अभिभावकों और स्कूलों को चेतावनी दी है। अधिकारियों का कहना है कि कुछ स्कूल इन परिणामों का उपयोग छात्रों के दाखिले की योग्यता तय करने के लिए कर रहे हैं, जो परीक्षा के मूल उद्देश्य के विपरीत है।
NAPLAN (नेशनल असेसमेंट प्रोग्राम – लिटरेसी एंड न्यूमेरसी) का उद्देश्य छात्रों की पढ़ाई-लिखाई और गणित की बुनियादी क्षमताओं का आकलन करना है, ताकि स्कूल और अभिभावक यह समझ सकें कि छात्रों को किन क्षेत्रों में अतिरिक्त सहायता की जरूरत है।
लेकिन हाल ही में सामने आया है कि कुछ स्कूल इन परिणामों को प्रवेश प्रक्रिया में एक मानदंड के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए NAPLAN के प्रमुख ने इसे “भयानक दुरुपयोग” (horrendous misuse) बताया है।
उन्होंने कहा कि NAPLAN का मकसद छात्रों को रैंक करना या स्कूलों को चयन के लिए एक फिल्टर देना नहीं है। बल्कि यह एक शैक्षणिक उपकरण है, जिससे शिक्षकों और अभिभावकों को बच्चों की सीखने की प्रगति समझने में मदद मिलती है।
प्राधिकरण के अनुसार, यदि स्कूल NAPLAN के परिणामों को दाखिले के फैसलों में इस्तेमाल करते हैं, तो इससे छात्रों और अभिभावकों पर अनावश्यक दबाव बढ़ सकता है। इससे परीक्षा का उद्देश्य भी प्रभावित होता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि किसी छात्र की क्षमता केवल एक परीक्षा के परिणाम से तय नहीं की जा सकती। छात्रों के समग्र विकास, उनकी रुचियों और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों को भी समान महत्व दिया जाना चाहिए।
अधिकारियों ने अभिभावकों से अपील की है कि वे NAPLAN परिणामों को केवल बच्चों की सीखने की स्थिति समझने के लिए इस्तेमाल करें, न कि उन्हें प्रतिस्पर्धा या तुलना का साधन बनाएं।
शिक्षा विभाग ने भी स्पष्ट किया है कि NAPLAN का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाना है, न कि छात्रों के प्रवेश या चयन का आधार बनाना।