NSW में नफ़रत फैलाने वाले अवैध धार्मिक स्थलों पर सख़्ती

NSW में नफ़रत फैलाने वाले अवैध धार्मिक स्थलों पर सख़्ती

सिडनी।
न्यू साउथ वेल्स (NSW) सरकार ने नफ़रत और कट्टरपंथ फैलाने वाले अवैध धार्मिक स्थलों पर कड़ी कार्रवाई के लिए नए क़ानून लागू किए हैं। इन बदलावों के तहत अब स्थानीय परिषदों को ऐसे पूजा स्थलों को बंद करने और ज़रूरत पड़ने पर उनकी बिजली, पानी व अन्य सेवाएँ काटने का अधिकार मिल गया है।

नए प्रावधानों के अनुसार, यदि कोई सार्वजनिक पूजा स्थल बिना वैध योजना अनुमति (planning approval) के संचालित हो रहा है, तो परिषद पहले उसे बंद करने का नोटिस देगी। आदेश की अनदेखी करने पर परिषद आवश्यक सेवाएँ काटकर उस स्थान को स्थायी रूप से बंद कर सकेगी।

NSW के मुख्यमंत्री Chris Minns ने कहा कि राज्य में नफ़रत, डराने-धमकाने और चरमपंथ के लिए कोई जगह नहीं है।
उन्होंने कहा, “ये सुधार परिषदों को वास्तविक अधिकार देते हैं ताकि वे ऐसे अवैध ठिकानों पर कार्रवाई कर सकें जो समाज में विभाजन फैलाते हैं। यह क़दम सामाजिक एकता और सामुदायिक सुरक्षा के लिए ज़रूरी है।”

नए नियमों के तहत, किसी भी नए सार्वजनिक पूजा स्थल को मंज़ूरी देने से पहले परिषदों को पुलिस से सामुदायिक सुरक्षा को लेकर परामर्श करना अनिवार्य होगा।

NSW की पुलिस मंत्री Yasmin Catley ने कहा कि योजना क़ानून समुदाय निर्माण के लिए होते हैं, न कि अवैध गतिविधियों को ढकने के लिए।
उन्होंने कहा, “यदि कोई स्थल बिना अनुमति चल रहा है और बंद करने के आदेश का पालन नहीं करता, तो परिषदों के पास प्रभावी कार्रवाई के साधन होने चाहिए।”

इस क़ानून के तहत बैंकस्टाउन स्थित Al Madina Dawah Centre को बंद किया जा रहा है। परिषद के अनुसार, यह केंद्र कभी भी प्रार्थना स्थल के रूप में स्वीकृत नहीं था और इसके लिए केवल एक चिकित्सा केंद्र की अनुमति दर्ज थी।

सरकारी रिकॉर्ड की समीक्षा में पाया गया कि 1970 से अब तक इस स्थल को पूजा स्थल के रूप में कोई वैध मंज़ूरी नहीं मिली थी।

हाल के वर्षों में “नफ़रत की फैक्ट्रियाँ” शब्द उस संदर्भ में सामने आया है, जहाँ अवैध रूप से संचालित स्थल समुदायों के बीच घृणा, डर और विभाजन फैलाने का माध्यम बनते हैं। सरकार का कहना है कि नए क़ानून ऐसे ही ठिकानों को समाप्त करने की दिशा में एक निर्णायक क़दम हैं।

NSW सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई किसी धर्म के ख़िलाफ़ नहीं, बल्कि क़ानून के उल्लंघन और सामुदायिक सुरक्षा को खतरे में डालने वाली गतिविधियों के विरुद्ध है।