बॉन्डी आतंकी हमले के बाद NSW में कड़े बंदूक कानून, क्रिसमस से पहले संसद का आपात सत्र

बॉन्डी आतंकी हमले के बाद NSW में कड़े बंदूक कानून, क्रिसमस से पहले संसद का आपात सत्र

सिडनी। बॉन्डी में हुए भीषण आतंकी हमले के बाद न्यू साउथ वेल्स (NSW) सरकार ने कड़े कदम उठाने का फैसला किया है। इसी क्रम में राज्य की संसद को क्रिसमस से पहले आपात सत्र के लिए बुलाया गया है। इस सत्र में केवल दो प्रमुख मुद्दों पर चर्चा होगी—हमले में मारे गए लोगों के प्रति शोक प्रस्ताव और हमले से जुड़े नए कानून।

NSW के प्रीमियर क्रिस मिन्स ने राज्य के बंदूक कानूनों में बड़े बदलावों की घोषणा की है। प्रस्तावित सुधारों के तहत एक व्यक्ति द्वारा रखी जा सकने वाली आग्नेयास्त्रों (फायरआर्म्स) की संख्या सीमित की जाएगी। मनोरंजन के उद्देश्य से बंदूक रखने वालों को अधिकतम चार हथियार रखने की अनुमति होगी, जबकि किसानों और खेल शूटिंग से जुड़े लाइसेंसधारकों के लिए यह सीमा 10 हथियार तय की जाएगी।

पुलिस मंत्री यास्मिन कैटली ने कहा कि ये बदलाव कानून का पालन करने वाले नागरिकों के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हथियार गलत हाथों में न जाएं। नए नियमों के अनुसार, मनोरंजन के लिए बंदूक रखने वालों को किसी गन क्लब का सदस्य होना अनिवार्य होगा और हथियार खरीदने से पहले उनके भंडारण स्थल की जांच की जाएगी।

सरकार ने कुछ प्रकार की शॉटगनों—जैसे स्ट्रेट-पुल और पंप-एक्शन—की श्रेणी बदलने का भी प्रस्ताव रखा है। इनके लिए बेल्ट-फेड मैगज़ीन पर प्रतिबंध लगाया जाएगा और मैगज़ीन क्षमता की दोबारा समीक्षा की जाएगी।

इसके अलावा, जिन बंदूक मालिकों का लाइसेंस रद्द किया जाता है, उनके लिए अपील का अधिकार भी समाप्त किया जा सकता है। वर्तमान में ऐसे मामलों में NSW सिविल एंड एडमिनिस्ट्रेटिव ट्राइब्यूनल (NCAT) में अपील की जा सकती है, लेकिन सरकार का कहना है कि इससे कई बार पुलिस के फैसले पलट जाते हैं और हथियार उसी व्यक्ति के पास बने रहते हैं। सरकार इस अपील प्रक्रिया को खत्म करने की योजना बना रही है।

हमले में 15 लोगों और हमलावर की मौत हुई थी, जिसके बाद पूरे देश में शोक और आक्रोश का माहौल है। इसी पृष्ठभूमि में सरकार विरोध-प्रदर्शनों से जुड़े कानूनों में भी बदलाव पर विचार कर रही है। प्रीमियर मिन्स ने कहा कि आतंकी खतरे की स्थिति में बड़े प्रदर्शन सामुदायिक तनाव बढ़ा सकते हैं। ऐसे में पुलिस आयुक्त को यह अधिकार दिया जा सकता है कि वे आतंकवाद की चेतावनी के दौरान प्रदर्शन की अनुमति न दें।

राज्य की विपक्षी पार्टियों ने संकेत दिया है कि वे जन सुरक्षा से जुड़े इन कानूनों पर सरकार के साथ सहयोग करने को तैयार हैं। सरकार का कहना है कि ये सुधार NSW को देश का सबसे सख्त बंदूक कानून वाला राज्य बनाएंगे और भविष्य में इस तरह की त्रासद घटनाओं को रोकने में मदद करेंगे।