न्यू साउथ वेल्स में सख़्त होंगे बंदूक क़ानून, इस्लामिक स्टेट का झंडा भी होगा प्रतिबंधित

न्यू साउथ वेल्स में सख़्त होंगे बंदूक क़ानून, इस्लामिक स्टेट का झंडा भी होगा प्रतिबंधित

सिडनी। ऑस्ट्रेलिया के न्यू साउथ वेल्स (NSW) राज्य में हथियार क़ानूनों को और सख़्त किया जा रहा है। बॉन्डी इलाके में हुए घातक आतंकी हमले के बाद मुख्यमंत्री क्रिस मिन्स की सरकार ने सार्वजनिक सुरक्षा को मज़बूत करने के लिए कई अहम क़दम उठाने की घोषणा की है। इन बदलावों का मक़सद हिंसा, चरमपंथ और सार्वजनिक स्थलों पर खतरे को रोकना बताया गया है।

सरकार के प्रस्तावों के तहत बंदूक रखने और इस्तेमाल करने के नियमों को और कड़ा किया जाएगा। लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया में सख़्त जाँच होगी और अवैध हथियारों पर कार्रवाई तेज़ की जाएगी। पुलिस को हथियारों की निगरानी और जब्ती के लिए अतिरिक्त अधिकार दिए जा सकते हैं।

इसके साथ ही, इस्लामिक स्टेट (आईएस) का झंडा और उससे जुड़े प्रतीकों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया जाएगा। सरकार का कहना है कि ऐसे प्रतीक समाज में डर फैलाते हैं और कट्टरपंथ को बढ़ावा देते हैं, जिसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

एक और अहम बदलाव के तहत एनएसडब्ल्यू के कुछ संवेदनशील इलाकों में बड़े सार्वजनिक जमावड़ों पर रोक लगाई जा सकती है। खुफिया जानकारी और सुरक्षा आकलन के आधार पर पुलिस को किसी कार्यक्रम या सभा को रद्द करने या सीमित करने का अधिकार मिलेगा।

मुख्यमंत्री क्रिस मिन्स ने कहा कि बॉन्डी हमला राज्य के लिए एक चेतावनी है और सरकार की प्राथमिकता लोगों की जान की सुरक्षा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये क़दम किसी समुदाय के ख़िलाफ़ नहीं, बल्कि हिंसा और आतंकवाद के ख़िलाफ़ हैं।

सरकार का कहना है कि नए क़ानूनों को जल्द ही संसद में पेश किया जाएगा। विपक्ष और नागरिक अधिकार समूहों ने इन प्रस्तावों पर चर्चा की मांग की है, जबकि आम जनता के एक बड़े हिस्से ने सुरक्षा बढ़ाने के इन प्रयासों का समर्थन किया है।
(यह समाचार राज्य सरकार की आधिकारिक घोषणाओं और मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है।)