देशभर के शिक्षा मंत्रियों ने बच्चों की सुरक्षा को मज़बूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब दिसंबर से राष्ट्रीय स्तर पर चाइल्डकेयर वर्कर्स का रजिस्टर शुरू किया जाएगा, जिससे संदिग्ध या दागी कर्मचारियों को राज्य बदलकर बच्चों के संपर्क में आने से रोका जा सकेगा।
फेडरल शिक्षा मंत्री जेसन क्लेयर ने शुक्रवार को सिडनी में हुई बैठक के बाद कहा कि यह पहल बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए एक लंबी प्रक्रिया की शुरुआत है।
“यह काम कभी खत्म नहीं होगा, क्योंकि हमेशा कुछ लोग सिस्टम में कमजोरियों का फायदा उठाने की कोशिश करेंगे। आज उठाए गए कदम उन कमियों को कम करने के लिए हैं,” उन्होंने कहा।
इस राष्ट्रीय रजिस्टर में हर कर्मचारी का पूरा विवरण होगा –
उसका संपर्क पता और कार्य इतिहास
किन-किन केंद्रों में काम किया है
कहीं से प्रतिबंधित या जाँच के दायरे में है या नहीं
प्रारंभिक पायलट ट्रायल दिसंबर से शुरू होगा और फरवरी 2026 से इसे पूर्ण रूप से लागू किया जाएगा।
फेडरल अर्ली चाइल्डहुड शिक्षा मंत्री जेस वॉल्श ने कहा, “यह वाकई चौंकाने वाली बात है कि आज तक हमारे पास ऐसा कोई रजिस्टर मौजूद नहीं था। पुलिस को पुराने पेपर रोस्टर खंगालने पड़ते थे, जो बिल्कुल अस्वीकार्य है।”
बैठक में अन्य अहम कदम भी मंजूर हुए:
सीसीटीवी कैमरे – देशभर के 300 केंद्रों में अक्टूबर-नवंबर से लगाए जाएंगे।
अनिवार्य प्रशिक्षण – सभी कर्मचारियों को बाल सुरक्षा और ग्रूमिंग की पहचान करने की ट्रेनिंग दी जाएगी।
क्लेयर ने यह भी साफ किया कि सीसीटीवी का इस्तेमाल डेटा सुरक्षा को ध्यान में रखकर किया जाएगा ताकि यह “गलत हाथों में जाने वाला शहद का छत्ता” न बने।
मंत्री क्लेयर ने कहा कि सरकार और क्षेत्र दोनों को आगे आकर यह जिम्मेदारी उठानी होगी।
“अगर हम सचमुच बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर हैं, तो सिस्टम को और मज़बूत करने के लिए लगातार काम करना होगा,” उन्होंने कहा।
👉 यह राष्ट्रीय रजिस्टर ऑस्ट्रेलियन चिल्ड्रन्स एजुकेशन एंड केयर क्वालिटी अथॉरिटी (ACEQA) के तहत तैयार किया जाएगा और इसका मकसद हर बच्चे को सुरक्षित वातावरण देना है।