मेलबर्न।
विक्टोरिया प्रांत में नाज़ी प्रतीकों और सलामी पर प्रतिबंध लागू होने के बाद एक ऐतिहासिक फैसले में 26 वर्षीय नियो-नाज़ी जैकब हर्सेंट को एक माह की जेल की सज़ा सुनाई गई है। यह ऑस्ट्रेलिया में पहली बार है जब किसी व्यक्ति को नाज़ी सलामी देने के अपराध में जेल भेजा गया है।
जैकब हर्सेंट ने 27 अक्टूबर 2023 को मेलबर्न काउंटी कोर्ट के बाहर टीवी कैमरों के सामने नाज़ी सलामी दी थी और “हाइल हिटलर” कहा था। यह घटना उस समय हुई जब विक्टोरिया में सार्वजनिक रूप से नाज़ी प्रतीकों और इशारों पर प्रतिबंध लगाने वाला कानून कुछ ही दिन पहले लागू हुआ था।
दिलचस्प बात यह रही कि हर्सेंट ने यह सलामी उस वक्त दी जब वह कैथेड्रल रेंज स्टेट पार्क में 2021 में हुए एक हिंसक हमले के मामले में जेल जाने से बच गया था। उस हमले में हाइकिंग पर निकले लोगों के एक समूह पर हमला किया गया था।
नवंबर 2024 में मजिस्ट्रेट कोर्ट ने हर्सेंट को दोषी ठहराते हुए एक महीने की जेल की सज़ा सुनाई थी, हालांकि उसने फैसले के खिलाफ काउंटी कोर्ट में अपील की और तब से वह जमानत पर बाहर था।
दिसंबर 2025 में काउंटी कोर्ट के जज साइमन मोग्लिया ने हर्सेंट की अपील खारिज कर दी। अदालत ने उसके इस तर्क को स्वीकार नहीं किया कि उसका इशारा नाज़ी सलामी नहीं था या कि यह कानून असंवैधानिक है। अदालत ने माना कि भले ही इस कानून से उसकी राजनीतिक अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता प्रभावित हुई हो, लेकिन यह कानून संवैधानिक रूप से वैध और सामाजिक रूप से आवश्यक है।
बुधवार को हर्सेंट सज़ा सुनाए जाने के लिए काउंटी कोर्ट पहुँचा, जहां वह एक सूटकेस के साथ दिखाई दिया। अदालत ने पहले से सुनाई गई एक माह की जेल की सज़ा को बरकरार रखा।
यह फैसला ऑस्ट्रेलिया में नफ़रत फैलाने वाले प्रतीकों और चरमपंथी विचारधाराओं के खिलाफ सख़्त रुख़ के रूप में देखा जा रहा है।