पटना। बिहार की राजनीति में एक बार फिर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। सवाल उठ रहे हैं कि क्या नीतीश कुमार वर्ष 2026 में राजनीति से संन्यास लेने वाले हैं? क्या उनकी सेहत को लेकर कोई चिंता है? और आखिर मुख्यमंत्री को मीडिया से दूरी पर क्यों रखा जा रहा है? इन तमाम अटकलों के बीच अब खुद नीतीश कुमार जमीन पर उतरकर जवाब देने की तैयारी में दिख रहे हैं।
दरअसल, 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान विपक्ष ने नीतीश कुमार की उम्र, स्वास्थ्य और नेतृत्व क्षमता को लेकर कई सवाल खड़े किए थे। चुनाव प्रचार के दौरान भी मुख्यमंत्री ने इन आरोपों का जवाब दिया और चुनाव जीतने के बाद भी उन्होंने स्पष्ट किया कि वे पूरी तरह सक्रिय हैं। अब नए साल की शुरुआत के साथ ही वे बड़े स्तर पर जनता के बीच जाकर अपनी स्थिति साफ करने जा रहे हैं।
इसी कड़ी में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी अगली राज्यव्यापी यात्रा का कार्यक्रम जारी किया है। उनकी समृद्धि यात्रा 16 जनवरी से शुरू होने जा रही है। यात्रा की शुरुआत नेपाल सीमा से सटे पश्चिम चंपारण जिले से होगी। इस दौरान मुख्यमंत्री विभिन्न जिलों का दौरा कर विकास योजनाओं की समीक्षा करेंगे और आम जनता से सीधा संवाद स्थापित करेंगे।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि समृद्धि यात्रा के जरिए नीतीश कुमार न केवल विकास का संदेश देंगे, बल्कि अपने विरोधियों को यह भी संकेत देंगे कि वे पूरी तरह सक्रिय हैं और फिलहाल राजनीति से रिटायर होने का कोई सवाल ही नहीं है। अब यह यात्रा आने वाले समय में बिहार की राजनीति को किस दिशा में ले जाती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।